मप्रः सुप्रीम कोर्ट ने की अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर की ट्रांसफर याचिका खारिज

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मप्रः सुप्रीम कोर्ट ने की अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर की ट्रांसफर याचिका खारिज


भोपाल, 05 जून (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश में बाघों के अवैध शिकार एवं उनके अवयवों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के आरोपी जामखानकाप निवासी थुम्पुई, जिला आइजोल (मिजोरम) की ट्रांसफर याचिका को खारिज कर दिया है।

जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि बाघ अवयवों की तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के विरुद्ध चल रही कार्रवाई की श्रृंखला में उच्चतम न्यायलय की यह कार्यवाही स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की महत्वपूर्ण सफलता है। वन विभाग के अधिकारियों ने इसे वन्यजीव अपराधों के प्रभावी अभियोजन की दिशा में बड़ी सफलता बताया है।

उल्लेखनीय है कि आरोपी एक वर्ष से अधिक समय से न्यायिक अभिरक्षा में है तथा मामले की विवेचना अभी जारी है। बालाघाट में बाघ का शिकार कर उसकी खाल एवं हड्डियों को अवैध रूप से खरीदकर असम और मिजोरम में बेचने तथा म्यांमार के रास्ते चीन तक तस्करी करने वाले संगठित गिरोह के विरुद्ध स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में हरियाणा निवासी आरोपी सोनू सिंह बावरिया को गिरफ्तार कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है इस प्रकरण में अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। प्रकरण की विवेचना अभी जारी है।

विवेचना में उजागर हुआ कि आरोपी जामखानकाप भी बाघ के अवयवों की खरीद-फरोख्त में शामिल था। आरोप है कि वह हवाला माध्यम से इसके बदले प्राप्त धनराशि भारत में पहुंचाने का कार्य करता था। आरोपी के विरुद्ध महाराष्ट्र के राजुरा वनमंडल में भी बाघ शिकार से संबंधित प्रकरण दर्ज है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उसके विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भी जांच की जा रही है।

आरोपी जामखानकाप ने मध्यप्रदेश में चल रहे प्रकरण को महाराष्ट्र के चंद्रपुर न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में ट्रांसफर पिटीशन (क्रिमिनल) दायर की थी। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा तैयार जवाब-दावा के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की। न्यायालय ने यह माना कि दोनों प्रकरण अलग-अलग हैं तथा बाघों की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी जैसे गंभीर विषय को दृष्टिगत रखते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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