मप्र में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी-सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक, सप्लाई में कोई रुकावट नहीं : खाद्य मंत्री राजपूत

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मप्र में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी-सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक, सप्लाई में कोई रुकावट नहीं : खाद्य मंत्री राजपूत


- 3056 एलपीजी सिलेण्डर जब्त और 9 मामलों में एफआईआर की गई दर्ज

भोपाल, 03 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) से बचें।

खाद्य मंत्री राजपूत ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2250 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 3056 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 564 पेट्रोल पंपों की जांच भी की गई, जिनमें 2 मामलों में प्रकरण दर्ज कर एफआईआर दर्ज की गई है। जिला आपूर्ति अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री राजपूत ने कहा कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सतत आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए गैस बॉटलिंग प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित प्लांट और वितरकों के स्टॉक की निरंतर समीक्षा की जा रही है।

पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारु

खाद्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है और कंपनियों के डिपो से नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। बढ़ती मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो को भी अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा जा सके।

पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर

उन्होंने बताया कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) के अंतर्गत प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। पीएनजी पाइपलाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को आवेदन प्राप्त होने के 5 दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी समीक्षा करेंगे।

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिये 5 विभागों नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण एवं म.प्र. औद्योगिक विकास निगम द्वारा सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन करने के 24 घंटे में पाइप-लाइन बिछाने की आरओयू अनुमति दिये जाने के आदेश जारी किये गये हैं। विभाग द्वारा 10 आरओयू आवेदनों की 24 घंटे के अंदर स्वीकृति जारी की गई है।

सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कंट्रोल रूम नम्बर इस प्रकार हैं। अवंतिका गैस लिमिटेड - इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (9424098887), गैल गैस लिमिटेड - देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788), नवेरिया गैस लिमिटेड - धार (07292-223311), थिंक गैस - भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107), आईओसीएल - गुना (9425991090), मउगंज, रीवा (9424836488), अशोकनगर (9425119522), मुरैना (7223982333), बीपीसीएल - मैहर, सतना शहडोल (9424738607), सीधी, सिंगरौली (9424341954), गुजरात गैस लि. - रतलाम (7412230292) शामिल है। प्रदेश के इन स्थानों से पाइप-लाइन के आसपास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिये आवेदन कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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