मप्रः मेपकास्ट में विद्यार्थियों ने जाना एआई, रोबोटिक्स एवं आधुनिक तकनीकों का महत्व
- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस हुए कार्यक्रम में विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने विशेषज्ञों ने विचार साझा किए
भोपाल, 11 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को विज्ञान, नवाचार एवं आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहन देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भोपाल के 27 शिक्षण संस्थानों के लगभग 300 विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल हुए। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।
मेपकास्ट के कार्यकारी संचालक डॉ. विवेक कटारे ने कहा कि प्रदेश में “डीप टेक रिसर्च एवं डिस्कवरी सेंटर” स्थापित किया जाएगा, जो विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवश्यक नई तकनीकों के विकास में सहयोग करेगा। वर्तमान समय में हर क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ रहा है। ग्रासरूट इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए सरकार, वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योगों और स्थानीय समुदायों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि खनन, पर्यावरण संरक्षण और कम लागत वाली तकनीकों के विकास में ग्रासरूट टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में प्रिंसिपल सांइटिस्ट डॉ. विकास शेन्डे ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच एवं तकनीकी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उद्योगपति एवं मोटिवेशनल वक्ता डॉ. राजीव अग्रवाल ने विद्यार्थियों को नवाचार, नेतृत्व एवं व्यक्तित्व विकास के विषय में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग लोकहित में होना चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने “हंसा-3” प्रशिक्षण विमान एवं “त्रिशूल” मिसाइल प्रणाली जैसी स्वदेशी तकनीकों की जानकारी देते हुए भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 11 मई 1998 को पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण को भारत की वैज्ञानिक क्षमता का ऐतिहासिक प्रतीक बताया।
मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल के सहायक प्राध्यापक डॉ. विजय भास्कर सेमवाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स एवं आधुनिक तकनीकों की संभावनाओं पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग एवं सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में एआई आधारित तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही डेटा सुरक्षा, रोजगार पर प्रभाव और तकनीक पर बढ़ती निर्भरता जैसी चुनौतियों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता होगी।
कार्यक्रम में विशेष रोबोटिक्स कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। रोबोनॉट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अर्पित सोनी ने विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन एवं एआई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने मैन्युअल एवं स्वायत्त रोबोट के संचालन को समझते हुए स्वयं रोबोट डिजाइन और निर्मित किए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

