मप्र: साइबर ठगी के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान, 24 जून से शुरू होगा ‘सेफ क्लिक 2.0’

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मप्र: साइबर ठगी के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान, 24 जून से शुरू होगा ‘सेफ क्लिक 2.0’


15 दिन तक चलेगा जनजागरूकता अभियान, स्कूलों-कॉलेजों से लेकर गांवों और बाजारों तक पहुंचेंगी साइबर सुरक्षा गतिविधियां

भोपाल, 16 जून (हि.स.)। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों से निपटने और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस 24 जून से 8 जुलाई तक प्रदेशव्यापी साइबर जनजागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ चलाएगी। 15 दिवसीय इस अभियान के माध्यम से साइबर सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने और समाज के प्रत्येक वर्ग तक साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

पुलिस मुख्यालय में मंगलवार काे आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जोनल पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान को व्यापक जनभागीदारी, नवाचार और प्रभावी जनसंपर्क के साथ संचालित किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें।

डिजिटल सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की पहल

डीजीपी मकवाणा ने कहा कि डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों की जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 में चलाए गए साइबर जागरूकता अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी के मामलों में कमी दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक के साथ साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए नागरिकों को लगातार जागरूक और सतर्क बनाए रखना जरूरी है।

स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में होंगे विशेष कार्यक्रम

अभियान के दौरान प्रदेशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, शासकीय कार्यालयों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य संस्थानों में साइबर सुरक्षा विषयक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, ओटीपी शेयरिंग और साइबर ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों से बचाव के तरीके बताएंगे।

गांव-गांव और बाजारों तक पहुंचेगा अभियान

सामुदायिक जागरूकता गतिविधियों के तहत ग्राम पंचायतों, नगरीय क्षेत्रों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को साइबर अपराधों के नए तौर-तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों द्वारा सीधे नागरिकों से संवाद कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

जागरूकता वाहन और साइबर मेले होंगे आकर्षण का केंद्र

अभियान के दौरान विशेष जागरूकता वाहनों के माध्यम से प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। इसके अलावा साइबर सुरक्षा मेले, जनसंवाद कार्यक्रम और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए ‘स्कैम हैकथॉन’ जैसे नवाचार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साइबर अपराधों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा उपायों को व्यवहारिक रूप से समझाया जाएगा।

‘मानव क्यूआर कोड’ और साइबर शपथ जैसे नवाचार

इस बार अभियान में कई अभिनव गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। नागरिकों को साइबर सुरक्षा शपथ दिलाई जाएगी, वहीं ‘मानव क्यूआर कोड’ जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेशों को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के दौरान विभिन्न विषयों पर नियमित जनसंपर्क और संवाद कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी नवीनतम जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत दें सूचना

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि, साइबर ठगी, फर्जी कॉल, फर्जी लिंक या भ्रामक संदेश की जानकारी तत्काल पुलिस और साइबर हेल्पलाइन को दें। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाकर ही साइबर सुरक्षित मध्यप्रदेश का निर्माण संभव है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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