मप्रः राज्य महिला आयोग की टीम ने किया भोपाल सेन्ट्रल जेल का निरीक्षण, ट्विशा की सास से भी की मुलाकात
महिला बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता : रेखा यादव
भोपाल, 11 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की टीम ने गुरुवार को भोपाल सेंट्रल जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने ट्विशा शर्मा की सास और सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह से मुलाकात की। जेल में गिरिबाला सिंह देवदत्त पटनायक की किताब 'द प्रेग्नेंट किंग' पढ़ रही थीं। टीम को देखते ही उन्होंने किताब बंद कर दी।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने उनसे भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। गिरिबाला सिंह ने किसी तरह की शिकायत नहीं की और कहा कि मुझे कोई परेशानी नहीं है, सब ठीक है। रेखा यादव ने बताया कि मुलाकात के दौरान गिरिबाला सिंह शांत रहीं। आयोग को ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि उन्हें जेल में कोई विशेष सुविधा दी जा रही हो।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव एवं सदस्य साधना स्थापक ने केन्द्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। आयोग की टीम ने महिला वार्ड, अस्पताल, रसोईघर, पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर और ब्यूटी पार्लर का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने कहा कि सुधारगृह केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और पुनर्वास का केंद्र होना चाहिए। महिला बंदियों को सम्मानजनक वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक महिला को उसके अधिकारों, सम्मान और न्याय तक पहुंच प्राप्त हो।
निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम ने महिला वार्ड, चिकित्सालय, रसोईघर, पुस्तकालय, सांस्कृतिक कक्ष, आर्ट एवं क्राफ्ट सेंटर तथा ब्यूटी पार्लर का अवलोकन किया। सांस्कृतिक कक्ष में महिला बंदियों द्वारा संचालित ऑर्केस्ट्रा दल ने भजन प्रस्तुत किए, जिसकी आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य ने सराहना करते हुए इसे सकारात्मक मानसिक विकास और सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में प्रभावी पहल बताया।
महिला बंदियों से संवाद के दौरान उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों और पुनर्वास गतिविधियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर बंदियों द्वारा आर्ट एवं क्राफ्ट सेंटर में तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों का अवलोकन भी किया गया।
रेखा यादव ने महिला बंदियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज में नई पहचान बनाने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग के सचिव सुरेश तोमर, केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक राकेश भांगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

