मप्रः मुख्य सचिव की अध्यक्षता में रिफॉर्म उत्सव के लिए स्टेट लेवल को-ऑर्डिनेशन कमेटी गठित
भोपाल, 17 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में भारत सरकार द्वारा जन मंथन-विमर्श-समाधान के माध्यम से सिस्टेमिक रिफॉर्म की पहचान एवं क्रियान्वयन के लिए प्रारंभ की गई नागरिक उन्मुख पहल रिफॉर्म उत्सव के प्रभावी समन्वय, नागरिक सहभागिता, समयबद्ध क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण सुनिश्रिचत करने के लिए राज्य शासन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेट लेवल को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सोमवार को जारी आदेश अनुसार, समिति में सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, नगरीय विकास एवं आवास, उच्च शिक्षा, वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामान्य प्रशासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्कूल शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण तथा जनसंपर्क विभाग सदस्य होंगे। प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम को सदस्य-संयोजक नामित किया गया है। आवश्यकता होने पर संबंधित विभाग के भारसाधक सचिव, विषय विशेषज्ञ एवं सलाहकारों को भी विशेष आमंत्रित के रूप में बैठक में आमंत्रित किया जायेगा।
स्टेट लेवल को-ऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा भूमिकाओं एवं दायित्वों के अंतर्गत रिफॉर्म उत्सव के लिए राज्य कार्य योजना (स्टेट एक्शन प्लान) तैयार करना तथा रणनीतिक दिशा निर्देश एवं अंतर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करना,राज्य एवं जिला स्तर पर सिटीजन मोबिलाइजेशन, जनजागरूकता एवं हितधारक सहभागिता का समन्वय एवं अनुश्रवण करना, नागरिकों से प्राप्त सुझावों का संकलन, प्रिलिमिनरी स्क्रीनिंग एवं कन्सर्न्ड डिपार्टमेंट्स को रेफरल सुनिश्चित करना, विभागीय एवं अंतर्विभागीय विमर्श के माध्यम से सुधार-सुझावों का परीक्षण एवं क्विकविन तथा मध्यम संरचनात्मक सुधारों के रूप में वर्गीकरण तथा आवश्यक रोडमैप तैयार करना। अवधि, क्किक विनसुधारों के समयबद्ध क्रियान्वयन तथा मध्यम संरचनात्मक सुधारों के रोड मैप अवधि के क्रियान्वयन का अनुश्रवण करना जैसे कार्यों का निर्वहन करेगी।
कमेटी रिफॉर्म उत्सव पार्टल एवं विद्यमान डिजिटल अनुश्रवण तंत्रों के माध्यम से सुधारों की प्रगति की समीक्षा करेगी। वास्तविक समय में अद्यतन एवं आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करना,विभागवार एवं जिलावार सुधारों की प्रगति, नागरिक सुझावों पर की गई कार्यवाही तथा परिणामों की समीक्षा एवं समन्वय करते हुए राज्य स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना और विभागवार एवं जिलावार सुधारों की प्रगति नागरिक सुझावों पर की गई कार्यवाही तथा परिणामों की समीक्षा एवं समन्वय करते हुए राज्य स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना जैसे दायित्वों का निर्वहन करेगी। समिति की बैठक माह में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बैठक भी आयोजित की जा सकेगी।
जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में मेंडिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेशन कमेटी गठित
वहीं, रिफॉर्म उत्सव के अंतर्गत जन मंथन-विमर्श-समाधान के माध्यम से नागरिकों से प्राप्त प्रणालीगत सुधार संबंधी सुझावों के प्रभावी संकलन, जिला स्तर पर नागरिक सहभागिता एवं जन-जागरूकता तथा गतिविधियों के समन्वय के लिए राज्य शासन ने कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में मेंडिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम/मुख्य नगर पालिका अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी सदस्य होंगे। महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को सदस्य-संयोजक नामित किया गया है। जरूरत होने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों, संबंधित सस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में बुलाया जा सकेगा।
डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेशन कमेटी भूमिकाओं एवं दायित्वों अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान तैयार कर रिफॉर्म उत्सव की जिला स्तरीय गतिविधियों का समन्वय एवं अनुश्रवण करना,ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों में जन मंथन, जन सभा, वार्ड सभाएवं अन्य आउटरीच एक्टिविटीज का समन्वय एवं आयोजन सुनिश्चित करना,सीएससीएस, माय भारत वॉलंटियर्स, पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से नागरिकों को रिफॉर्म उत्सव पोर्टल पर सुझाव प्रस्तुत करने के लिए सहायता उपलब्ध कराना,नागरिकों से प्राप्त सुधार संबंधी सुझावों का संकलन, स्क्रूटिनी एवं संबंधित विभागों को रेफरल सुनिश्चित करना, एसएनओडी एवं सेंट्रल नोडल ऑफिसर के साथ समन्वय कर फील्ड-लेवल आउटरीच एवं सिटिजन फीडबैक का संकलन सुनिश्चित करना,रिफॉर्म उत्सव की गतिविधियों एवं सुझावों की प्रगति का समयबद्ध पोर्टल अद्यतन एवं राज्य स्तर को प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करना तथा जिले से संबंधित सुधारों, उपलब्धियों एवं परिणामों का संकलन कर संकल्प सिद्धि के लिए राज्य को उपलब्ध कराना जैसे दायित्वों का निर्वहन करेगी। समिति की बैठक माह में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बैठक भी आयोजित की जा सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

