श्रीमद्भागवत महापुराण का सारभूत तत्व है श्रीहरि नाम : डॉ. उमेशचन्द्र शर्मा

WhatsApp Channel Join Now
श्रीमद्भागवत महापुराण का सारभूत तत्व है श्रीहरि नाम : डॉ. उमेशचन्द्र शर्मा


झाबुआ, 26 सितंबर (हि.स.)। श्रीमद्भागवत में वैदों और उपनिषदों का सारभूत तत्व निहित है और श्रीमद्भागवत का सार है, भगवान् श्री कृष्ण के चरणों में निष्काम प्रेम, किंतु प्रभु के चरणारविन्द में ऐसा प्रेम तब ही हो सकता है,जब हम उन्हें अपना मानकर उनसे कोई भी संबंध बनाकर उनकी कथा श्रवण करें, नाम महामंत्र का कीर्तन, एवं जप करें, तब यह कीर्तन और जप ही स्मरण में परिवर्तित होकर हमें उस दिव्य परमात्म प्रेम की प्राप्ति कराएगा। किसी भी युग में भगवान् की प्रेम प्राप्ति का इससे अधिक उत्तम अन्य कोई साधन नहीं है।

उक्त विचार श्रीमद्भागवत कथा वाचक डॉ. उमेशचन्द्र शर्मा द्वारा श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यास पीठ से व्यक्त किए गए। शर्मा मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले के थान्दला में श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत भक्ति पर्व के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवतकथा के विश्रांति की सांध्य वेला में शनिवार को कथा वाचन कर रहे थे।

शर्मा ने नाम महामंत्र की महानतम महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि वैसे तो भगवान् के सब नाम ही महिमावंत है, और सबमें भगवान् की दिव्य शक्ति निहित है, किंतु कलिसंतरणोपनिषद सहित पुराण शास्त्रों में उल्लेखित नाम महामंत्र (हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।) की अद्भुत, रहस्यमय एवं दिव्य महिमा का गायन किया गया है। उपरोक्त नाम महामंत्र इस कलिकाल में हम सबके हेतु जपनीय, कीर्तनीय एवं स्मरणीय है। हमारे विभिन्न धर्म शास्त्रों के अनुसार यह महामंत्र परम प्रभावशाली, सरल, सहज साधन है। हरे कृष्ण महामंत्र की महिमा का संपूर्ण रुप से प्रतिपादन हम मनुष्य तो क्या, देवता और यहां तक कि स्वयं ब्रह्मा भी नहीं कर सकते, किंतु हमारे वैदिक शास्त्रों और पुराणों में निहित वर्णन से हमें नाम की महिमा के बारे में महत्वपूर्ण संकेत मिलते हैं।

आज कथा के दौरान मुख्य रूप स भक्तियोग की महिमा, ध्यान विधि एवं ज्ञान, कर्म एवं भक्ति योग का महत्व निरूपित करते हुए भक्ति, ज्ञान और यम नियमादि साधनों के बारे में बताया गया, साथ ही भगवान् के अवतारों का वर्णन करते हुए श्रीमद्भागवत में उल्लेखित भागवत धर्मों का निरुपण किया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story