मप्र में मकर संक्रांति पर शिप्रा-नर्मदा तटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, इंदौर में चाइनीज मांझे से 3 लोग घायल
इंदौर, 14 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। यहां मां नर्मदा और शिप्रा के तटों पर सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही है। लोग इन पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। साथ ही मकर संक्रांति पर लोग पतंगबाजी का भी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ इंदौर में तीन अलग-अलग-जगह चाइनीज मांझे से तीन लोगों की गर्दन कट गई। तीनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें से एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पहला मामला भंवरकुआं थाना क्षेत्र के तीन इमली इलाके का है। यहां बुधवार को तीन इमली ब्रिज पर बाइक से जा रहे युवक हेमराज चौरसिया चाइनीज मांझे चपेट में आ गया और उसका गला कट गया। वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। उसे गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। हेमराज चांदमारी ईंट का भट्ठा में रहता है पेट्रोल पंप पर काम करता है। वह मांगलिया स्थित रिश्तेदार के यहां जा रहा था, तभी हादसा हो गया।
दूसरा हादसा परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के नंदानगर निवासी महेश सोनी के साथ हुआ। यहां चाइनीज मांझे से उनका गला कट गया। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीसरी घटना जूनी इंदौर की है। यहां तिल्लौर निवासी प्रेम भंडारी दूध बांटने जा रहे थे, तभी जूनी इंदौर ब्रिज से जाते समय अचानक उनके सामने चाइनीज मांझा आ गया। उनके गले में 8 टांके लगाए गए हैं।
नर्मदा-शिप्रा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
मध्य प्रदेश में मकर संक्रांति पर श्रद्धालुों ने नर्मदा-शिप्रा समेत अन्य नदियों पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। उज्जैन में जहां शिप्रा नदी के रामघाट सहित दत्त अखाड़ा घाट और अन्य घाटों पर अलसुबह से भीड़ उमड़ रही है और यहां हजारों की संख्या में स्नान कर रहे हैं। रामघाट पर सुबह से ही ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दान-पुण्य भी किया। घाटों पर होने वाली भीड़ की सुरक्षा को देखते हुए होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें लगातार घाटों पर सतत निगरानी कर रही हैं। आला अधिकारियों के मुताबिक होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें घाटों पर मौजूद हैं, जो श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी देती रही।
मकर संक्रांति पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में डुबकी लगाई। इसके बाद तिल और गुड़ का दान किया। श्रद्धालुओं ने भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन पूजन किए। पहली बार नर्मदा का जल स्तर सामान्य रहा, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान में आसानी हुई। वहीं, नर्मदापुरम के सेठानी घाट विवेकानंद घाट समेत सभी घाटों पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे। स्नान कर पूजन पाठ की। जबलपुर और मंडला में भी श्रद्धालुओं का नर्मदा तटों पर पहुंचने का सिलसिला जारी है। तिलवारा, भेड़ाघाट, महाराजपुर संगम और महिष्मती घाट पर पड़ोसी जिलों के लोग भी स्नान करने पहुंचे हैं।
इधर, मकर संक्रांति पर खरगोन स्थित नवग्रह मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान सूर्य नारायण एवं नवग्रह देवताओं के दर्शन के लिए दिनभर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा। इस अवसर पर मंदिर में 551 किलो गुड़-तिल के लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। मकर संक्रांति के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। करीब 300 से अधिक पंडितों द्वारा भगवान सत्यनारायण की कथा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा सुनकर दान-पुण्य किया।
रायसेन दुर्ग स्थित सोमेश्वर महादेव धाम में मकर संक्रांति के अवसर पर पतंग उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम हर-हर सोमेश्वर घर-घर सोमेश्वर अभियान समिति के तत्वावधान में हुआ। प्रातः भगवान सोमेश्वर को तिल के लड्डुओं का भोग और लड्डुओं की माला अर्पित की गई। इसके बाद मंदिर प्रांगण में पतंग उत्सव हुआ, जिसमें श्रद्धालु, युवा व बच्चे शामिल हुए। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजपुर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

