सीहोरः वरिष्ठ अधिकारियों ने कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर लिया रूद्राक्ष महोत्सव एवं शिवमहापुराण कथा की तैयारियों का जायजा
- यातायात, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, फायर सेफ्टी, भीड़ नियंत्रण एवं तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से की समीक्षा
सीहोर, 04 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम आयोजित होने वाले रूद्राक्ष महोत्सव एवं शिवमहापुराण कथा के दृष्टिगत पुलिस महानिरीक्षक संजय तिवारी, कलेक्टर बालागुरू के., उप पुलिस महानिरीक्षक ओम प्रकाश त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बुधवार को आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कथा स्थल की सभी व्यवस्थाओं को देखा और पंडित प्रदीप मिश्रा, संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर आयोजन के संबंध में चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ने कहा कि कथा में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखते हुए आयोजन से पूर्व सभी व्यवस्थाएं समयसीमा में पूर्ण की जाएं, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, असुविधा अथवा सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अलग-अलग व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता के साथ समझें और मौके पर उपस्थित रहकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि समिति के सभी सदस्य अपने-अपने कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारियों को भली-भांति समझें तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें।
यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि कथा के दौरान किसी भी स्थिति में जाम की समस्या उत्पन्न न हो। इसके लिए पार्किंग स्थलों का स्पष्ट चिन्हांकन किया जाए तथा श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग जोन निर्धारित किए जाएं। ऑटो स्टैंड की समुचित व्यवस्था, स्टैंड तक पहुंचने के लिए उचित ढलान (स्लोप) निर्माण तथा वाहनों की आवाजाही के लिए सुव्यवस्थित मार्ग बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि हाईवे एवं मुख्य मार्गों पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए डायवर्जन प्लान प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने सड़क मार्गों पर पर्याप्त संख्या में संकेतक, फ्लेक्स एवं सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग संबंधी किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही उन्होंने अनाउंसमेंट सिस्टम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए, जिससे यातायात एवं आवश्यक सूचनाएं समय-समय पर श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जा सकें। फायर सेफ्टी को लेकर उन्होंने निर्देश दिए कि फायर ब्रिगेड, अग्निशमन उपकरण एवं आपातकालीन व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध रहें।
पेयजल, स्वच्छता एवं बिजली व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि आयोजन स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। प्याऊ, टोंटीयुक्त नल कनेक्शन एवं जल टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने साफ-सफाई के लिए अस्थाई एवं चलित शौचालयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्तिच करने तथा नियमित सफाई के लिए सफाई कर्मियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। विद्युत व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि सभी बिजली कनेक्शन सुरक्षित हों, नो-मेन जोन का पालन किया जाए तथा विद्युत विभाग की टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नेटवर्क व्यवस्था एवं एलईडी स्क्रीन व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कथा के दौरान एलईडी स्क्रीन के माध्यम से श्रद्धालुओं को कार्यक्रम का स्पष्ट प्रसारण और सूचनाएं मिले तथा संचार व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान रुद्राक्ष वितरण पूरी तरह से बंद रहेगा और इस संबंध में स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने भोजनशाला, कथा पंडाल, प्रवेश एवं निकास द्वार, पार्किंग स्थल तथा कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि भोजनशाला में स्वच्छता, गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। कथा पंडाल को सुरक्षित एवं मजबूत बनाया जाए तथा कंट्रोल रूम को पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए। चिकित्सा व्यवस्थाओं के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रहें। उन्होंने कथा स्थल पर मिनी आईसीयू स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से स्थल का भ्रमण कर प्रगति की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि कथा की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से दुरूस्त हो, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धामय वातावरण प्राप्त हो सके। निरीक्षण के दौरान एएसपी सुनीता रावत, एसडीएम तन्मय वर्मा, सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा समीर शुक्ला सहित अन्य अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

