मप्रः भारी बारिश में उफनती नदियों के बीच एसडीईआरएफ एवं होमगार्ड्स का व्यापक रेस्क्यू अभियान

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मप्रः भारी बारिश में उफनती नदियों के बीच एसडीईआरएफ एवं होमगार्ड्स का व्यापक रेस्क्यू अभियान


मप्रः भारी बारिश में उफनती नदियों के बीच एसडीईआरएफ एवं होमगार्ड्स का व्यापक रेस्क्यू अभियान


- आगर मालवा में 380 नागरिकों को सुरक्षित निकाला, उज्जैन में होमगार्ड जवान ने युवक की बचाई जान

भोपाल, 11 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश का दौर जारी है। विभिन्न क्षेत्रों में जारी भारी बारिश एवं नदी-नालों के उफान से उत्पन्न आपदा की स्थिति में राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ), होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रदेश के संवेदनशील एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में तैनात टीमों द्वारा लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित कर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया जा रहा है।

होमगार्ड महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए सभी संवेदनशील जिलों में राहत एवं बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिला स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स टीमें, आपदा राहत वाहन, रेस्क्यू बोट्स एवं आवश्यक आधुनिक उपकरण तैयार रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और एसडीईआरएफ, होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस की टीमें त्वरित प्रतिक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

आगर मालवा में 380 नागरिकों का साहसिक रेस्क्यू

उन्होंने बताया कि आगरमालवा जिले के थाना सोयत क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति निर्मित हुई। सूचना प्राप्त होते ही एसडीईआरएफ, होमगार्ड्स एवं आपदा राहत टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिजली ऑफिस कॉलोनी से 250, माधव चौक से 70 तथा इंदौर-कोटा हाईवे से 60 नागरिकों सहित कुल 380 नागरिकों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला। सभी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों तक पहुँचाया गया।

उज्जैन में होमगार्ड जवान ने युवक की बचाई जान

उज्जैन के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रामघाट पर उफनती क्षिप्रा नदी में स्नान के दौरान तीन नागरिकों के तेज जल बहाव में बहने एवं डूबने की आपात स्थिति निर्मित हो गई। घाट पर तैनात होमगार्ड जवान श्री जीवन सोलंकी ने बिना समय गंवाए अदम्य साहस एवं तत्परता का परिचय देते हुए गहरे पानी में छलांग लगाकर डूब रहे 21 वर्षीय जय सिसौदिया, निवासी नानाखेड़ा, उज्जैन को सुरक्षित बाहर निकाला। जवान द्वारा युवक को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा उपचार के लिए अस्पताल पहुँचाया गया।

प्रदेशभर में 24 घंटे निगरानी, सभी संवेदनशील जिले हाई अलर्ट पर

होमगार्ड निदेशक ने बताया कि एसडीईआरएफ मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदेश के समस्त संवेदनशील एवं जलभराव वाले जिलों की स्थिति पर 24 घंटे निरंतर निगरानी रखी जा रही है। भारी वर्षा अथवा जलभराव की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव दलों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन दलों द्वारा नागरिकों से नदी, नालों, पुल-पुलियाओं एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

विदिशा में बेतवा उफान पर, पुराने अशोकनगर मार्ग का पुल और मंदिर जलमग्न

विदिशा में मूसलाधार बारिश के चलते बेतवा नदी उफान पर है। भोपाल और रायसेन जिले समेत ऊपरी इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश के पानी की आवक से बेतवा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। बेतवा नदी के उफान पर आने से विदिशा-अशोकनगर मार्ग पर बना पुराना पुल पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है। नदी का जलस्तर इतना ऊपर पहुंच चुका है कि पुराने मार्ग से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

घाट और पौराणिक मंदिर हुए जलमग्न

बेतवा के उफान के कारण प्रसिद्ध चरण तीर्थ मंदिर और आसपास के कई प्राचीन मंदिर जलमग्न है। कई छोटे मंदिरों का केवल शिखर ही पानी के ऊपर दिखाई दे रहा है, जबकि बाकी हिस्सा जलमग्न हो चुका है। चरण तीर्थ मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगभग 6 फीट से अधिक पानी बह रहा है। इसके साथ ही मुक्तिधाम की ओर जाने वाले रास्ते पर भी पानी भर जाने के कारण शवयात्रा लेकर पहुंचने वाले आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

निचले और तटीय इलाकों में अलर्ट जारी

करीब एक महीने पहले तक सूखी नजर आ रही बेतवा नदी अब अपने पूरे उफान पर बह रही है। जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और होमगार्ड के साथ एसडीआरएफ की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं। नदी के तटीय घाटों को एहतियातन खाली करा लिया गया है और लाउडस्पीकर के जरिए निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

एसडीआरएफ प्रभारी और प्लाटून कमांडर रश्मि दुबे ने बताया कि बेतवा नदी का जलस्तर सोमवार की तुलना में मंगलवार को थोड़ा सा कम हो गया है, लेकिन फिर भी मेरी नागरिकों से अपील है कि जो हमारे नदी-नाले हैं, घाट हैं, वहां पर न जाएं और सुरक्षित रहें। हमारी तरफ से पूरे जिले में 10 डीआरसी की टीम स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त एक एसडीआरएफ की टीम हमारे मुख्यालय पर भी 24 घंटे तैनात रहती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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