रीवाः जीएमएच में जच्चा-बच्चा की मौत पर भारी बवाल, 2 नर्सिंग ऑफिसर सस्पेंड, जांच कमेटी गठित

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रीवाः जीएमएच में जच्चा-बच्चा की मौत पर भारी बवाल, 2 नर्सिंग ऑफिसर सस्पेंड, जांच कमेटी गठित


रीवा, 27 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के दौरान एक नवजात और उसकी मां की मौत के बाद परिजनों ने भारी हंगामा किया। परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि इलाज में डॉक्टर ने लापरवाही बरती, इसलिए जान चली गई। लापरवाह डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

परिजनों के गंभीर आरोपों के बाद मेडिकल कॉलेज के डीन ने दो नर्सिंग ऑफिसरों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच कमेटी का गठन कर दिया है। वहीं, शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, मनगवां निवासी कल्पना मिश्रा को 25 अगस्त को प्रसव (डिलीवरी) के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, 26 अगस्त की रात को इलाज में कथित लापरवाही के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। गुरुवार सुबह जच्चा-बच्चा की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।

परिजन ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने समय पर उचित इलाज नहीं दिया। परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ पर दुर्व्यवहार और मिसबिहेवियर करने के भी आरोप लगाए। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने सुबह से ही अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया, जिससे परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।

हंगामे की सूचना मिलते ही मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति तुरंत गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और उनकी मांगों को सुना। इसके बाद विधायक ने अस्पताल प्रबंधन और मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत की।

घटना की तह तक जाने और दोषियों की पहचान करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई गई है, साथ ही मौतों के सही कारणों का पता लगाने के लिए दोनों शवों का पैनल के माध्यम से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई अन्य डॉक्टर या स्टाफ भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रसूता कल्पना मिश्रा (25) की मौत से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह मदद मांग रही है। वीडियो में महिला वार्ड से बाहर निकलकर रोते और चिल्लाते हुए मदद मांगती दिखाई दे रही है। महिला कह रही है कि- इस तरह का इलाज जारी रहा तो ये लोग मुझे मार डालेंगे। मदद मांगने के कुछ घंटे बाद ही महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों के हंगामे के बाद लापरवाही बरतने पर नर्सिंग स्टाफ साधना वर्मा और सीमा मुजालदे को सस्पेंड कर दिया गया।

मृतक के चाचा धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि बेटी कल्पना मिश्रा की शादी बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के हटवा में हुई थी। कल्पना की यह पहली डिलीवरी थी। मंगलवार को गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई। गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

कल्पना के पिता रामशरण मिश्रा का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से लगातार बेटी का चेकअप करने और उसकी हालत देखने को कहा था। डॉक्टरों ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। समय पर उचित इलाज नहीं मिलने से कल्पना की हालत बिगड़ती चली गई।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि महिला का इलाज चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया था। डॉक्टरों की ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई। हालांकि, परिजन के आरोपों के संबंध में जानकारी ली जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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