रीवाः पीडब्ल्यूडी के प्रभारी मुख्य अभियंता 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

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रीवाः पीडब्ल्यूडी के प्रभारी मुख्य अभियंता 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार


रीवा, 11 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा में लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के संभागीय प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को भी पकड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, सतना जिले की टेस्टिंग लैब प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर सोनू सिंह ने गत 4 अगस्त को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनकी फर्म पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे ने फर्म को संभाग में पीडब्ल्यूडी का काम दिलाने के बदले हर महीने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि रकम नहीं देने पर काम रोकने और फर्म के बिलों का भुगतान अटकाने की धमकी दी जा रही थी।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि आरोपित पक्ष ने अपने सहयोगी धर्मवीर भारती के जरिए शिकायतकर्ता से पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये लिए थे। सबूत मिलने के बाद उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार और निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया के नेतृत्व वाली टीम ने मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। टीम ने आरोपितों में कैलाश कुमार लच्छे पिता हरिचरण लच्छे और धर्मवीर भारती (59) पुत्र स्व. टीपी भारती को सिविल लाइन स्थित अटल पार्क के सामने शासकीय आवास के पास शिकायतकर्ता से दूसरी किश्त के 50 हजार रुपये लेते समय दोनों को दबोच लिया।

ट्रैप की कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। लोकायुक्त की टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है, साथ ही मौके से 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि जब्त कर ली है। लोकायुक्त टीम आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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