सभी मामलों का प्राथमिकता और संवेदनशीलता से करें निराकरण : अवधेश प्रताप सिंह
- राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष ने रतलाम में की जनसुनवाई, 25 प्रकरणों की प्रकरणवार समीक्षा
रतलाम, 17 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने सोमवार को रतलाम प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई कर नागरिकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों से संबंधित प्रत्येक मामले को प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार के मामले हों, उन्हें गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। नागरिकों की बात पूरी तरह सुनकर उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के मानव अधिकार सुरक्षित रहें, यही आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त मामलों में कार्रवाई करते समय मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
जनसुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष रतलाम जिले से संबंधित 25 प्रकरणों की प्रकरणवार समीक्षा की गई। इनमें 11 प्रकरण पुलिस विभाग से संबंधित थे। आयोग अध्यक्ष ने इन मामलों की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही जनसुनवाई के दौरान प्राप्त नवीन प्रकरणों को भी संज्ञान में लिया गया।
जनसुनवाई में गैस की नली से लीकेज, मेडिकल कॉलेज में आदिवासी महिला के उपचार से संबंधित शिकायत, महिला एवं बाल विकास विभाग में कर्मचारी का वेतन रोके जाने, नगर निगम में दिव्यांग भर्ती, स्वास्थ्य विभाग में उपचार के दौरान लापरवाही, जीवन निर्वाह, टीकाकरण तथा जावरा उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्टाफ रूम समय पर नहीं खोले जाने सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई।
जावरा उच्च माध्यमिक विद्यालय से संबंधित मामले में आयोग अध्यक्ष ने कमेटी गठित कर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों के लिए बेहतर एवं सकारात्मक वातावरण होना चाहिए। बच्चों का भविष्य महत्वपूर्ण है, इसलिए स्कूल की व्यवस्थाएं बेहतर हों तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा बालक की गुमशुदगी, हत्या, दुष्कर्म, भूमि पर अधिकार दिलाने, ताजिए के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से लोगों की मृत्यु तथा अन्य मामलों की भी समीक्षा की गई। हाईटेंशन लाइन से संबंधित प्रकरण में चल रही जांच की जानकारी आयोग अध्यक्ष ने प्राप्त की तथा आवश्यक कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

