एमपी की भर्ती परीक्षाओं में हाईटेक सुरक्षा, आइरिस-फिंगरप्रिंट से होगी पहचान, चार स्तरों पर रहेगी कड़ी निगरानी
- मप्र कर्मचारी चयन मंडल भर्ती परीक्षाओं में बरतेगा पहले से ज्यादा सावधानी
भोपाल, 11 जनवरी (हि.स.) । मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित की जाने वाली आगामी भर्ती परीक्षाओं में इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया जा रहा है। नकल और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगाने के उद्देश्य से अभ्यर्थियों की पहचान अब केवल आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रक्रिया से ही सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन और फिंगरप्रिंट जांच अनिवार्य होगी।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों का आइरिस स्कैन और फिंगरप्रिंट मिलान किया जाएगा। इसके साथ ही फेस स्कैनिंग की व्यवस्था भी रहेगी। पहचान की यह प्रक्रिया परीक्षा के दौरान और आवश्यकता पड़ने पर बाद में भी की जा सकेगी। ईएसबी अधिकारियों के अनुसार, आइरिस स्कैन और फिंगरप्रिंट को बायोमेट्रिक पहचान का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है, क्योंकि आंखों की पुतली का पैटर्न जीवनभर नहीं बदलता।
इस बार परीक्षाओं की सुरक्षा चार स्तरों पर सुनिश्चित की जाएगी। इसमें प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गतिविधियों की निगरानी तक विशेष व्यवस्था रहेगी। परीक्षा केंद्रों में हाई-रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ईएसबी के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से भी निगरानी की जाएगी। एआई आधारित सिस्टम अभ्यर्थियों की आंखों की मूवमेंट, बैठने के तरीके और समय प्रबंधन का विश्लेषण करेगा। यदि कोई अभ्यर्थी तय समय में असामान्य रूप से अधिक या कम प्रश्न हल करता है, तो सिस्टम अलर्ट जारी करेगा।
इस वर्ष लगभग 15 हजार पदों पर 16 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें पुलिस, शिक्षक, स्वास्थ्य और अन्य विभागों की भर्तियां शामिल हैं। खास बात यह है कि पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में भी पहली बार इस उन्नत बायोमेट्रिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
ईएसबी का कहना है कि इन उपायों से परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल सकेगा और परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठने वाले सवालों का भी समाधान होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

