मप्रः रतलाम में सराफा व्यापारी से लूट का खुलासा, 5.50 करोड़ से अधिक कीमत के आभूषण बरामद
- 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और साइबर तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से आरोपियों तक पहुंची पुलिस, 06 गिरफ्तार
भोपाल, 16 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट की वारदात का महज 48 घंटे में सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण सहित लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
उज्जैन आईजी राकेश गुप्ता ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना 13 अगस्त 2026 की रात थाना बिलपांक क्षेत्र अंतर्गत हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा के पास हुई। फरियादी अर्पित पुत्र ललित कुमार चोरड़िया, निवासी जैन कॉलोनी रतलाम, गणेश मार्केट चांदनी चौक रतलाम में सोने-चांदी के आभूषणों का व्यवसाय करते हैं तथा बड़नगर के व्यापारियों के साथ भी व्यापारिक लेन-देन करते हैं।
फरियादी 13 अगस्त को व्यापारिक कार्य से बड़नगर गया था। विभिन्न व्यापारियों को सोने के आभूषणों की बिक्री करने के बाद वह रात्रि बस से रतलाम के लिए रवाना हुआ। रात में बस के हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा क्षेत्र में पहुंचने पर बड़नगर से बस में सवार दो व्यक्ति फरियादी के पास पहुंचे और उसका बैग छीनने का प्रयास किया। फरियादी द्वारा बैग पकड़कर विरोध करने एवं शोर मचाने पर अन्य आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नगदी एवं आवश्यक दस्तावेज रखे हुए थे। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना बिलपांक में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक विभिन्न मार्गों पर लगे 300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। फरियादी, बस चालक, परिचालक एवं क्लीनर से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई। घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों से भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए। साथ ही साइबर सेल द्वारा उपलब्ध तकनीकी एवं डिजिटल साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण कर संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों एवं आपसी संपर्कों की जानकारी जुटाई गई।
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों एवं मैदानी स्तर पर प्राप्त जानकारी को आपस में जोड़ते हुए पुलिस टीम संदिग्ध आरोपियों तक पहुंची। जांच के दौरान 15 अगस्त 2026 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि घटना में शामिल आरोपी हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं तथा लूट का सामान भी उनके पास है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीमों ने तत्काल क्षेत्र में घेराबंदी कर 06 संदिग्धों को हिरासत में लिया।
पूछताछ करने पर आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए सोने के 238 नग जेवरात, वजन 4.167 किलोग्राम, चांदी के 183 नग जेवरात, वजन 4.047 किलोग्राम, कुल 421 नग सोने-चांदी के आभूषण, वजन 8.214 किलोग्राम सहित लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
गिरफ्तार आरोपियों में राहुल गुर्जर 24 वर्ष, अभिजीत उर्फ अभय गुर्जर 22वर्ष, निवासी ग्राम ऊनी, रतलाम, यशवंत गुर्जर 28 वर्ष, निवासी बालागंज, मंदसौर,राहुल उर्फ वीर गुर्जर 25 वर्ष, निवासी दिलीपनगर, रतलाम, रवि उर्फ बबला गुर्जर 27 वर्ष, निवासी ग्राम जमुनिया, रतलाम,मोहम्मद उमर उर्फ पप्पू 42 वर्ष, निवासी आनंद कॉलोनी, रतलाम शामिल है। इनके अलावा दो आरोपी रोहित नायक निवासी रतलाम एवं गौरव गुर्जर निवासी इंदौर फरार हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
आईजी राकेश गुप्ता ने बताया कि रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई में सीसीटीवी फुटेज के व्यापक विश्लेषण, साइबर एवं तकनीकी साक्ष्यों, भौतिक साक्ष्य संकलन, संदिग्धों की गतिविधियों के विश्लेषण तथा मैदानी पुलिसिंग का प्रभावी समन्वय रहा। पुलिस की त्वरित एवं सुनियोजित कार्रवाई के परिणामस्वरूप घटना के महज 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर करोड़ों रुपये का लूटा गया मशरूका बरामद किया गया। प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

