मप्र: राहुल गांधी बालाघाट आएं, लेकिन कांग्रेस के शासनकाल का हिसाब भी दें - हेमंत खंडेलवाल

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मप्र: राहुल गांधी बालाघाट आएं, लेकिन कांग्रेस के शासनकाल का हिसाब भी दें - हेमंत खंडेलवाल


-आदिवासी अंचलों के विकास, नक्सलवाद और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस से पूछे सवाल

भोपाल, 01 अक्टूबर (हि.स.)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लाेकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का बालाघाट में स्वागत है। वे जनता से मिलें और उनकी समस्याएं सुनें, लेकिन सवाल पूछने के साथ कांग्रेस को अपने लंबे शासनकाल का हिसाब भी जनता के सामने रखना चाहिए।

हेमंत खंडेलवाल ने गुरुवार काे अपने बयान में कहा कि कांग्रेस आज आदिवासी क्षेत्रों में विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठा रही है। ऐसे में कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि लंबे समय तक देश और प्रदेश की सत्ता में रहने के दौरान उसने आदिवासी अंचलों के विकास के लिए क्या कदम उठाए। उन्होंने कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद इन क्षेत्रों में कई मूलभूत समस्याएं क्यों बनी रहीं, इसका जवाब भी कांग्रेस को देना चाहिए।

नक्सलवाद को लेकर भी कांग्रेस से मांगा जवाब

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बालाघाट की जनता उस दौर को भी नहीं भूली है, जब क्षेत्र नक्सलवाद की चुनौती से जूझ रहा था। उन्होंने तत्कालीन मंत्री एवं कांग्रेस नेता लिखीराम कांवरे की नक्सलियों द्वारा की गई हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी को बताना चाहिए कि उस समय नक्सलवाद से निपटने के लिए कांग्रेस सरकार ने क्या कदम उठाए थे।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा समझनी चाहिए। साथ ही जनता यह भी जानना चाहती है कि कांग्रेस के शासनकाल में नक्सलवाद की चुनौती से निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाई गई थी।

भाजपा सरकार ने सुरक्षा के साथ विकास पर दिया जोर

हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से बालाघाट सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ विकास कार्यों को भी गति दी गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे के विस्तार पर सरकार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से निपटने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता देना सरकार की नीति है। सुरक्षा और विकास के प्रयासों से इन क्षेत्रों में बदलाव का वातावरण तैयार हुआ है।

सवाल पूछें, लेकिन अपने शासनकाल का हिसाब भी दें

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार सभी को है, लेकिन जनता सवाल पूछने वालों से भी जवाब चाहती है। राहुल गांधी बालाघाट आएं, प्रभावित परिवारों और आमजन से मिलें, उनकी समस्याएं सुनें, लेकिन कांग्रेस के शासनकाल में नक्सलवाद, आदिवासी विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर किए गए कार्यों का जवाब भी जनता को दें।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि कांग्रेस की सरकारों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए क्या किया, नक्सलवाद से निपटने के लिए कौन से कदम उठाए और आज भाजपा सरकार द्वारा सुरक्षा के साथ विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को कांग्रेस किस नजरिए से देखती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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