मप्रः लोक निर्माण विभाग का राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण शनिवार को, मुख्यमंत्री होंगे शामिल

WhatsApp Channel Join Now
मप्रः लोक निर्माण विभाग का राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण शनिवार को, मुख्यमंत्री होंगे शामिल


- कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज एवं नवाचारों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन और लोकपथ 2.0 ऐप का होगा लोकार्पण

भोपाल, 09 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शनिवार, 10 जनवरी को भोपाल के रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम विभागीय नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं के क्षमता निर्माण को समर्पित रहेगा।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1500 से अधिक अभियंता सहभागिता करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए गए कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज का विमोचन किया जाएगा, जो अभियंताओं के निरंतर प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और आधुनिक परियोजना प्रबंधन के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।

मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण — लोकपथ 2.0 का लोकार्पण भी किया जाएगा। यह ऐप सड़क रखरखाव की निगरानी, नागरिक शिकायतों के त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा तथा सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जैसी सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को एक समग्र, उपयोगकर्ता-अनुकूल और आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।

मंत्री सिंह ने कहा कि इसके साथ ही, विभाग द्वारा विगत 2 वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया जाएगा। इसमें डिजिटल समाधान, गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, नई निर्माण तकनीकों और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों की झलक प्रस्तुत की गई है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे बड़े सड़क एवं बायपास प्रोजेक्ट्स के तकनीकी, वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी पहलुओं की प्रभावी निगरानी कर सकें। मंत्री सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की अवधारणा को सशक्त करते हुए मध्यप्रदेश में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य-उन्मुख सड़क अवसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story