ऑपरेशन मुस्कान: मप्र पुलिस ने एक सप्ताह में 08 गुमशुदा एवं अपहृत बच्चों को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया
भोपाल, 07 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा गुमशुदा एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए ऑपरेशन मुस्कान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत विगत एक सप्ताह में पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने देश के दूरस्थ राज्यों तक पहुंचकर 08 गुमशुदा एवं अपहृत बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा रविवार को जानकारी दी गई कि बालाघाट जिले के थाना मलाजखंड पुलिस ने हैदराबाद (तेलंगाना) पहुंचकर एक नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर सुरक्षित रूप से उसके परिजनों के सुपुर्द किया। इसी प्रकार थाना किरनापुर पुलिस टीम ने तेलंगाना राज्य में पहुंचकर एक नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर परिवार से मिलाया।
वहीं, शिवपुरी जिले के थाना रन्नौद पुलिस ने अपहरण के एक प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के मोठ (झांसी) क्षेत्र से नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया। अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना पुलिस ने राजस्थान के जोधपुर तक पहुंचकर गुमशुदा बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा। खंडवा जिले के थाना पदमनगर पुलिस ने 14 वर्षीय दिव्यांग मूक-बधिर बालक को महाराष्ट्र के अकोला स्थित चाइल्ड लाइन से सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिवार के सुपुर्द किया।
इंदौर जीआरपी की उज्जैन थाना पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज की जांच एवं निरंतर प्रयासों के माध्यम से गुजरात के सूरत शहर से 17 वर्षीय नाबालिग बालक को सकुशल दस्तयाब किया। बड़वानी जिले के थाना राजपुर पुलिस ने गुजरात राज्य से एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया। तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच के माध्यम से न केवल बालिका को सकुशल बरामद किया गया, बल्कि मामले में गंभीर अपराध का खुलासा करते हुए आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में वैधानिक कार्रवाई भी की गई।
टीकमगढ़ जिले की बलदेवगढ़ पुलिस ने दिल्ली से एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित खोजकर परिजनों के सुपुर्द किया। इन सभी मामलों में पुलिस टीमों ने विभिन्न राज्यों की यात्रा कर स्थानीय एजेंसियों से प्रभावी समन्वय स्थापित किया, तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया तथा कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर प्रयास जारी रखे। अनेक मामलों में पुलिसकर्मियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद हार नहीं मानी और बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की।
मध्य प्रदेश पुलिस का कहना है कि किसी गुमशुदा बच्चे की सुरक्षित वापसी केवल एक प्रकरण का निराकरण नहीं, बल्कि एक परिवार की आशाओं, विश्वास और खुशियों की पुनर्स्थापना है। इसी मानवीय दृष्टिकोण के साथ प्रदेशभर में ऑपरेशन मुस्कान निरंतर संचालित किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक गुमशुदा बालक-बालिका को सुरक्षित घर लौटाया जा सके और प्रत्येक परिवार के चेहरे पर पुनः मुस्कान लाई जा सके। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी बच्चे के गुम होने अथवा संदिग्ध परिस्थिति में पाए जाने की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

