यात्री परिवहन विजन समिट- 2026 : किफायती, सुलभ परिवहन सेवा के आर्थिक सुदृढ़ीकरण पर हुआ मंथन
- किराये के लिए अतिरिक्त गैर किराया स्त्रोतों से बढ़ेगा राजस्व
भोपाल, 11 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के पहले दिन शुक्रवार को तीसरे सत्र में वित्तीय रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर सार्वजनिक बस संचालन के लिए रणनीतियां विषयक पर ऐसे नए बिजनेस मॉडलों, नियम सुधारों और आय बढ़ाने के अन्य तरीकों पर चर्चा कर विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने अपने विचार साझा किए। इसमें सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवाएं सस्ती और सुलभ रहने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सुदृढ़ीकरण के लिये विचार किया गया।
इस सत्र में सार्वजनिक बस सेवाओं की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए केवल किराए पर निर्भर रहने के बजाय राजस्व के अन्य साधनों को बढ़ावा देने,व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के प्रभावी उपयोग,गैर-किराया राजस्व अंतर्गत विज्ञापन, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और रूट/स्टेशन के नामकरण अधिकार से आय सृजन एवं जोखिम साझा करने तथा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए परफॉर्मेंस-बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट्स चर्चा के मुख्य बिंदु रहे।
सत्र में थिंक गैस (CNG) के सोर्सिंग, मार्केटिंग एवं कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राणा दत्ता ने ईंधन अर्थशास्त्र और सीएनजी की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
प्रो. अशोक कुमार सरकार ,विज़िटिंग डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर, आईआईटी इंदौर एवं एडजंक्ट प्रोफेसर, BITS पिलानी ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन की पहुंच और क्षमता बढ़ाने के लिए रूट की आवश्यकतानुसार छोटी बसों के संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डीआईएमटीएस) के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट अमित हितकारी ने किराए के सटीक निर्धारण और उसमें लचीलेपन को सार्वजनिक परिवहन के वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
विश्व बैंक के वरिष्ठ परिवहन विशेषज्ञ डॉ. लघु पराशर ने सार्वजनिक परिवहन को टिकाऊ बनाने के लिए गैर-किराया राजस्व को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सत्र में भानु मेहरोत्रा (प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट ऑफिसर - दक्षिण एशिया, आयएफसी, वर्ल्ड बैंक ग्रुप ने संबोधित करते हुए कहा कि बस डिपो केवल वाहनों के ठहराव के लिए नहीं, बल्कि कमर्शियल गतिविधियों, रिटेल और लॉजिस्टिक्स के माध्यम से गैर-किराया राजस्व अर्जित करने का एक बड़ा स्रोत बन सकते हैं। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में व्यापक स्तर पर डिजिटलीकरण को अपनाने पर बल दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

