मप्र के पांढुर्णा जिले में खेत में बिना मुंडैर के कुएं गिरा तेंदुआ, खटिया और सीढ़ी के सहारे निकला
पांढुर्णा, 01 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले के ग्राम बोथिया में शनिवार को एक तेंदुआ किसान के खेत में बने बिना मुडैर के कुएं में गिर गया। वह करीब 15 घंटे तक अंदर फंसा रहा। वन विभाग की टीम ने कुएं में खटिया और सीढ़ी लगाई, ताकि तेंदुआ खुद बाहर निकल सके। रविवार सुबह टीम दोबारा मौके पर पहुंची तो तेंदुआ कुएं से निकलकर जंगल की ओर जा चुका था।
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित ग्राम बोथिया के रहने वाले किसान भाऊराव खवसे शनिवार को खेत में कुएं की मोटर चालू करने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर कुएं के एक कोने में बैठे तेंदुए पर पड़ी। उन्होंने आसपास के किसानों को सूचना दी। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। देर शाम तक चले रेस्क्यू के बावजूद तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता नहीं मिली।
क्षेत्र के डिप्टी रेंजर गुलाब धुर्वे ने बताया कि शनिवार को वन विभाग की टीम ने कुएं में गिरे तेंदुए को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू किया था। रात होने के कारण टीम ने कुएं में खटिया डाली और रस्सी की सीढ़ी बनाकर छोड़ दी, ताकि तेंदुआ खुद बाहर निकल सके। रविवार सुबह वन विभाग की टीम दोबारा खेत पर पहुंची तो कुएं में तेंदुआ नहीं मिला। आसपास निरीक्षण करने पर खेत में उसके पंजों के निशान मिले। विभाग ने इनका पंचनामा तैयार किया है।
दरअसल, बोथिया गांव मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है। आसपास घना जंगल होने के कारण यहां तेंदुओं समेत अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। क्षेत्र में पांच से अधिक तेंदुओं की मौजूदगी बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, हर 15 से 20 दिन में तेंदुए मवेशियों का शिकार कर रहे हैं। ऐसे में जंगल से सटे खेतों में काम करने वाले किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

