महाशिवरात्रि पर रात 10 बजे तक 5.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए महाकाल के दर्शन
उज्जैन, 15 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। रात 10 बजे तक 5.50 लाख से अधिक भक्त भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। देर रात तक संख्या और बढ़ने का अनुमान है।
शनिवार-रविवार की मध्य रात्रि 2:30 बजे मंदिर के पट विधिवत खोले गए। मंत्रोच्चार के साथ गर्भगृह में पूजन और जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक हुआ। भगवान महाकाल को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर राजा स्वरूप में शृंगार किया गया। ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म रमाई गई। तड़के हुई भस्म आरती में पासधारी श्रद्धालुओं के साथ चलित भस्म आरती के दर्शन भी कराए गए। मंदिर समिति के अनुसार श्रद्धालुओं को औसतन 40 मिनट में दर्शन कराए जा रहे हैं। चार पहर की विशेष पूजा के चलते मंदिर के पट 44 घंटे लगातार खुले रहेंगे।
वहीं भोजपुर स्थित भोजेश्वर मंदिर में भी सुबह 3:30 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गई थीं। शाम 4 बजे तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शाम 5:30 बजे मंदिर पहुंचे और भगवान भोजेश्वर की पूजा-अर्चना की। प्रशासन की ओर से छांव, कालीन और यातायात की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे दिनभर दर्शन और आवागमन सुचारु रूप से चलता रहा।
महाशिवरात्रि पर भोजपुर स्थित भोजेश्वर शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव के अनुसार शाम 4 बजे तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। श्रद्धालुओं के लिए छांव और कालीन की व्यवस्था होने से धूप के बावजूद दर्शन सुगमता से हुए। शाम 5:30 बजे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की।
इधर, अकोदिया झंडा चौक स्थित पशुपतिनाथ महादेव मंदिर से शाम 6 बजे महाशिवरात्रि के अवसर पर भूतों की बारात निकाली गई। इस बारात में डीजे, ढोल-नगाड़े के साथ जमकर नाच-गाना हुआ। बाबा की सवारी भूतों की सवारी, चलो महादेव की बारात लेकर के नारे के साथ बारात शुरू हुई। बारात में शामिल लोगों ने भूतों की तरह सजावट कर रखी थी और वे जमकर नाच-गाना कर रहे थे। डीजे की धुन पर लोग थिरकते हुए बारात में शामिल हुए। मंदिर के पुजारी ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर भूतों की बारात निकालने की परंपरा है और यह बारात भगवान शिव की पूजा का एक हिस्सा है।
वहीं, मंदसौर में पशुपतिनाथ लोक यहां आने वाले भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हजारों लोग पशुपतिनाथ लोक को निहार पहुंच रहे हैं। छतरपुर स्थित श्री जटाशंकर धाम में महाशिवरात्रि पर भक्तों की भीड़ उमड़ी। यहां भगवान शंकर और माता पार्वती के विवाह उत्सव को लेकर धाम में भव्य सजावट की गई है तथा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

