कलियुग में सच्ची भक्ति ही कर सकती है इंसान का कल्याण : महंत मदनमोहनदास

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कलियुग में सच्ची भक्ति ही कर सकती है इंसान का कल्याण : महंत मदनमोहनदास


- टीकमगढ़ के धजरई हनुमान मंदिर में साकेत महोत्सव जारी, उमड़ रहे श्रद्धालु

टीकमगढ़, 07 जून (हि.स.)। निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष और धीर समीर वृंदावन के महंत मदनमोहन दास महाराज ने कहा कि कलियुग में भगवान की सच्ची भक्ति ही इंसान का कल्याण कर सकती है। इस दौर में ज्ञान, वैराग्य, कर्मकांड और तपस्या जैसी साधनाएं उतनी असरदार नहीं रह गई हैं। जब तक किसी कर्म या तपस्या में भगवान के प्रति सच्ची भक्ति शामिल नहीं होगी, तब तक इंसान को उसका असली लक्ष्य नहीं मिल सकता।

महंत मदनमोहनदास महाराज रविवार शाम मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ स्थित प्रसिद्ध धजरई हनुमान मंदिर में सात दिवसीय साकेत महोत्सव में कलियुग में भक्ति की महिमा का वर्णन कर रहे थे। यह महोत्सव गो लोकवासी महंत हरिदास त्यागी महाराज की स्मृति में मनाया जा रहा है, जिसमें हर दिन शाम को भागवत कथा हो रही है।

महंत मदनमोहन दास महाराज ने कथा को आगे बढ़ाते हुए श्री वेदव्यास और देवर्षि नारद के बीच हुए संवाद का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि सभी वेदों और पुराणों की रचना करने के बाद भी व्यास जी का मन अशांत था, तब नारद जी ने उन्हें अपने पूर्व जन्म की कहानी सुनाई। नारद जी ने बताया कि संतों की संगति और उनसे मिली सच्ची भक्ति के दम पर ही वे देवर्षि नारद बन पाए।

बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज ने बताया कि भंडारा सम्राट महंत हरिदास त्यागी महाराज की याद में यह आयोजन हर साल किया जाता है। इस बार यह महोत्सव 6 जून से शुरू हुआ है, जो 12 जून तक चलेगा। महोत्सव का समापन 13 जून को मुख्य पुण्यतिथि पर विशाल भंडारे के साथ होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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