ग्वालियरः विभागीय अधिकारी वन विभाग की अनापत्ति के लिये ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करें

WhatsApp Channel Join Now
ग्वालियरः विभागीय अधिकारी वन विभाग की अनापत्ति के लिये ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करें


- अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश

ग्वालियर, 23 मार्च (हि.स.)। विकास कार्यों के लिये वन विभाग की अनापत्ति (एनओसी) प्राप्त करने के लिये निर्धारित दस्तावेजों व जानकारी के साथ परिवेश पोर्टल (PARIVESH 2.0) पर ऑनलाइन आवेदन करें। वन विभाग से राजस्व विभाग की जमीन की अदला-बदली के लिये भी यही प्रक्रिया अपनाई जाए।

यह निर्देश सोमवार को ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को दिए। बैठक में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा परिवेश पोर्टल पर आवेदन करने की प्रक्रिया भी प्रजेंटेशन के जरिए समझाई गई।

कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में इसके अलावा जल गंगा संवर्धन अभियान, संकल्प से समाधान, सीएम हैल्पलाइन, ई-टोकन से खाद वितरण, एलपीजी का सुव्यवस्थित वितरण व अग्नि दुर्घटना से बचाव के लिये किए जा रहे नवाचार सहित प्रदेश सरकार के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत, वन मण्डलाधिकारी मुकेश पटेल व अपर जिला दण्डाधिकारी सी बी प्रसाद सहित जिले के सभी एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। सीएम हैल्पलाइन में जिले को ए-ग्रेड मिलने पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने विभागीय अधिकारियों को शाबाशी दी। साथ ही कहा कि यह क्रम आगे भी जारी रहना चाहिए। उन्होंने एल-1 स्तर पर शिकायतें अटेंड न करने वाले लगभग आधा दर्जन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।

अमृत सरोवरों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करें

जल गंगा संवर्धन अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि अभियान के तहत ग्वालियर जिले में पिछले वर्षों में बने एवं इस साल बनने जा रहे सभी अमृत सरोवरों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए। उन्होंने तालाबों, नहरों व अन्य जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये भी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया। अभियान की समीक्षा के दौरान उन्होंने ग्वालियर नगर निगम में वार्डवार कार्ययोजना बनाकर जल संरक्षण व संवर्धन की गतिविधियों को मूर्तरूप देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में सीवर सफाई के काम को प्रमुख गतिविधि में शामिल करें। इसी तरह जिले के अन्य नगरीय निकायों व ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान के तहत जल सहेजने के लिये संरचनायें तैयार करने को कहा। अभियान को गति देने के लिये सेवाभावी लोगों को अमृत मित्र बनाने के निर्देश भी उन्होंने दिए। साथ ही जोर देकर कहा कि औद्योगिक इकाईयों, आंगनबाड़ी व अन्य सार्वजनिक भवनों को अनिवार्यत: रूफ वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ें। सभी एसडीएम से वृहद स्तर पर जनभागीदारी से तालाबों का गहरीकरण व संरचनाओं का जीर्णोद्धार कराने के लिये भी कहा गया।

अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम 25 मार्च को

आग लगने की छोटी सी घटना बड़ी अग्नि दुर्घटना न बन पाए, इस उद्देश्य से ग्वालियर जिला प्रशासन द्वारा नवाचार किया जा रहा है। जिसके तहत लोगों के लिये प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के साथ-साथ आसानी से उपयोग किए जाने वाले अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराए जायेंगे। अंरिविभागीय समन्वय बैठक में जानकारी दी गई कि इस क्रम में 25 मार्च को राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में प्रशिक्षण सह जन जागरूकता कार्यक्रम रखा गया है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने इस आयोजन में रहवासी संगठन, जनप्रतिनिधिगण, व्यापारिक, औद्योगिक, कोचिंग संस्थान, दुकानदार एसोसिएशन, निजी अस्पताल संचालक, एनजीओ, ट्रांसपोर्टनगर एसोसिएशन, दवा व्यापारी संघ, आतिशबाजी विक्रेता संघ, पेट्रोल पंप संचालकगण, कृषि उपज मंडी व्यापारी व मैरिज गार्डन संगठन, समाजसेवियों, शैक्षणिक संगठन इत्यादि के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के लिये कहा है।

कलेक्टर ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से लोगों को इस बात के लिये जागरूक किया जायेगा कि हम सब आग लगने पर फायर ब्रिगेड के इंतजार में ही न बैठे रहें, बल्कि हमारे घर में भी कुछ ऐसे अग्निशमन यंत्र हों, जिनके उपयोग से हम आग लगने की छोटी सी घटना को बड़ा रूप न लेने दें और धन व जन हानि से बच सकें। घरेलू एवं प्रतिष्ठानों इत्यादि में उपयोग के लिये अग्निशमन यंत्र ज्यादा महंगे नहीं होते हैं। अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराने के लिये 29 से 31 मार्च तक ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में अग्नि सुरक्षा मेला प्रस्तावित है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story