मप्रः ई-प्रवेश में नया कीर्तिमान : 5 लाख 24 हजार 48 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश

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मप्रः ई-प्रवेश में नया कीर्तिमान : 5 लाख 24 हजार 48 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश


मप्रः ई-प्रवेश में नया कीर्तिमान : 5 लाख 24 हजार 48 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश


- पिछले वर्ष की तुलना में 65 हजार 840 अधिक प्रवेश, 7 लाख 51 हजार 123 विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन

भोपाल, 01 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ई-प्रवेश प्रणाली ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विद्यार्थी-केंद्रित, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित प्रवेश व्यवस्था के परिणामस्वरूप इस वर्ष अब तक सर्वाधिक 5 लाख 24 हजार 48 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शनिवार को जानकारी दी कि इस शिक्षा सत्र में अब तक 2 हजार 1 महाविद्यालयों (1 हजार 256 सामान्य एवं 745 एनसीटीई महाविद्यालयों) में 7 लाख 51 हजार 123 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया। इनमें 6 लाख 60 हजार 981 विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा 5 लाख 24 हजार 48 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया।

चार वर्षों में लगातार बढ़ा प्रवेश का ग्राफ

ई-प्रवेश के आँकड़े बताते हैं कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों का विश्वास लगातार बढ़ा है। वर्ष 2023-24 में समान अवधि तक 3 लाख 21 हजार 154 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 3 लाख 90 हजार 411 तथा वर्ष 2025-26 में 4 लाख 58 हजार 208 हो गया। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में यह संख्या बढ़कर 5 लाख 24 हजार 48 पहुँच गई है।

पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इस वर्ष 65 हजार 840 अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जो 14.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। वहीं वर्ष 2023-24 की तुलना में प्रवेश संख्या में 2 लाख 2 हजार 894 विद्यार्थियों की वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास और विभाग की प्रभावी नीतियों का प्रमाण है।

स्नातकोत्तर प्रवेश में सबसे अधिक वृद्धि

स्नातक स्तर पर 4 लाख 58 हजार 792 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया, जिनमें 4 लाख 13 हजार 963 विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा 3 लाख 60 हजार 902 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त किया। पिछले वर्ष की तुलना में स्नातक स्तर पर 42 हजार 40 विद्यार्थियों की वृद्धि दर्ज की गई।

स्नातकोत्तर स्तर पर एक लाख 66 हजार 402 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया। इनमें एक लाख 43 हजार 533 विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा एक लाख 14 हजार 802 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त किया। पिछले वर्ष की तुलना में स्नातकोत्तर स्तर पर 35 हजार 516 विद्यार्थियों की वृद्धि हुई है, जो 44.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है।

एनसीटीई पाठ्यक्रमों में एक लाख 25 हजार 929 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया। इनमें एक लाख 3 हजार 485 विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा 48 हजार 344 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।

पारदर्शी एवं छात्र-केंद्रित व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम

प्रदेश के 566 शासकीय महाविद्यालय, 3 शासकीय विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग, 621 निजी महाविद्यालय, 65 अनुदान प्राप्त महाविद्यालय, एक सीआरसी सहित कुल एक हजार 256 सामान्य महाविद्यालयों तथा 745 एनसीटीई महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया सफलतापूर्वक संचालित की गई। ऑनलाइन पंजीयन, त्वरित दस्तावेज सत्यापन, महाविद्यालयों में स्थापित हेल्प डेस्क, व्यापक जनजागरूकता अभियान तथा जिला स्तर पर सतत मॉनिटरिंग के कारण इस वर्ष समान अवधि में अब तक का सर्वाधिक प्रवेश दर्ज किया गया है।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश की ई-प्रवेश प्रणाली विद्यार्थियों के लिए सरल, पारदर्शी, विश्वसनीय और छात्र-अनुकूल व्यवस्था के रूप में स्थापित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं मंत्री श्री परमार के नेतृत्व में उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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