मध्य प्रदेश में बनेगी नई दिव्यांग नीति, इसमें सभी पक्षों के सुझाव किए जाएंगे शामिल

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मध्य प्रदेश में बनेगी नई दिव्यांग नीति, इसमें सभी पक्षों के सुझाव किए जाएंगे शामिल


मध्य प्रदेश में बनेगी नई दिव्यांग नीति, इसमें सभी पक्षों के सुझाव किए जाएंगे शामिल


मध्य प्रदेश में बनेगी नई दिव्यांग नीति, इसमें सभी पक्षों के सुझाव किए जाएंगे शामिल


- पर्पल फेयर इंदौर-2026 में सांसद लालवानी ने दिव्यांग प्रतिभाओं का किया सम्मान

इंदौर, 17 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के निशक्तजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए नई समावेशी दिव्यांग नीति तैयार की जा रही है। इस नीति के निर्माण में विशेषज्ञों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सभी संबंधित पक्षों के सुझाव शामिल किए जाएंगे।

निशक्तजन आयुक्त डॉ. खेमरिया शुक्रवार को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (एनआईएमएचआर) सीहोर तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में रवींद्र नाट्य गृह में आयोजित पर्पल फेयर इंदौर-2026 को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया तथा उन्हें अपनी प्रेरक जीवन यात्रा साझा करने का अवसर मिला। दिव्यांग बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थितजनों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में डॉ. खेमरिया ने बताया कि राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों की मदद के लिए 32 करोड़ रुपये की दिव्यांग निधि स्थापित की है। इस निधि से प्रतिभावान दिव्यांगजनों को खेल, उच्च शिक्षा, कला, संस्कृति आदि क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी मदद दी जाएगी। युवाओं को रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। स्टार्टअप में भी मदद की जाएगी।

कार्यक्रम में इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए लगातार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इंदौर दिव्यांगजनों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है और यहां राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने वाले अनेक एनजीओ सक्रिय हैं।

सांसद लालवानी ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (एनआईएमएचआर) के इंदौर में सैटेलाइट सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे इंदौर सहित संभाग के अन्य जिलों के भी दिव्यांगजन और संस्थाएं लाभान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई दिव्यांग नीति तैयार करते समय इंदौर के अनुभवी स्वयंसेवी संगठनों से भी सुझाव लिए जाएं ताकि नीति अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बन सके। उन्होंने इंदौर की कई प्रेरणादायी दिव्यांग प्रतिभाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर में अनेक युवाओं ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से नई पहचान बनाई है। उन्होंने इन सफलताओं का श्रेय सेवा भाव से कार्य कर रहे स्वयंसेवी संगठनों और समाज के सहयोग को दिया।

कार्यक्रम में विधायक गोलू शुक्ला भी शामिल हुए और दिव्यांग बच्चों से संवाद करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। प्रारंभ में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (एनआईएमएचआर) सीहोर के डायरेक्टर अखिलेश कुमार शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पर्पल फेयर के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दिव्यांगजनों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और समाज में उनकी सहभागिता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच है।

कार्यक्रम में दिव्यांग प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ प्रेरणादायी अनुभव साझा किए गए। दोपहर बाद भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। अंत में आभार प्रदर्शन के साथ पर्पल फेयर इंदौर-2026 का समापन हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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