मप्र: नौतपा में नहीं पड़ी तपिश, पूरे 9 दिन बरसे बादल, 36 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट

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मप्र: नौतपा में नहीं पड़ी तपिश, पूरे 9 दिन बरसे बादल, 36 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट


भोपाल, 03 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में इस बार नौतपा का पूरी तरह बदला नजर आया। आमतौर पर भीषण गर्मी और लू के लिए पहचाने जाने वाले नौतपा के सभी नौ दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि हुई। मौसम के इस बदले मिजाज ने गर्मी का असर लगभग खत्म कर दिया है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया और कहीं भी हीटवेव की स्थिति नहीं रही।

इधर, मौसम विभाग ने बुधवार को इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के 36 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी और मौसम सुहाना बना रहेगा। नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

33 जिलों में येलो अलर्ट

इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

10 डिग्री तक लुढ़का पारा

बारिश और तेज हवाओं के कारण दिन और रात के तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को भोपाल और ग्वालियर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री और जबलपुर में 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा। खंडवा में 40.1 और खजुराहो में 40 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान पचमढ़ी रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा श्योपुर में 35, बैतूल में 35.2, शिवपुरी में 36 और सतना-नर्मदापुरम में 36.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी

मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में टर्फ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। हालांकि इस बार मानसून की रफ्तार धीमी है। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस वर्ष इसके 5 से 7 दिन देरी से आने की संभावना है। चूंकि मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है, इसलिए मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री 20 से 22 जून के बीच होने का अनुमान जताया जा रहा है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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