मप्र में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मिली गति, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना
भोपाल, 06 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और लंबित परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत प्रयास अब सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गत दिवस नई दिल्ली में मध्य प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों की सराहना की और परियोजनाओं को गति देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनसम्पर्क अधिकारी संजय सक्सेना ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण एवं वन स्वीकृति जैसे कारणों से अटकी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित समाधान तय करना रहा।
राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विस्तार पर भविष्य की रणनीति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और विशाल क्षेत्रफल को देखते हुए प्रदेश में सड़क घनत्व राष्ट्रीय औसत से कम है। देश में जहां सड़क घनत्व 201.28 किमी प्रति 100 वर्ग किमी है, वहीं मध्य प्रदेश में यह 162.20 किमी प्रति 100 वर्ग किमी है। इसी प्रकार राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई भी अन्य बड़े राज्यों की तुलना में कम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम मार्गों की दृष्टि से मध्य प्रदेश देश की कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों और संतुलित क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुरूप हाई-स्पीड और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से वंचित क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा एक्सप्रेस-वे तथा 4 और 6 लेन के राज्य राजमार्गों का विकास कर प्रदेश की समग्र कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और कृषि व लॉजिस्टिक सेक्टर को नई गति प्राप्त होगी, जिससे मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अटल पथ और चंबल क्षेत्र विकास परियोजना को मिली नई दिशामुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों से अटल पथ परियोजना ने पुनः गति पकड़ी है। इसी क्रम में चंबल क्षेत्र विकास परियोजना को पर्यावरण संरक्षण के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस पहल की गई है। परियोजना के पूर्ण होने पर ग्वालियर-चंबल अंचल के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल अधोसंरचना सुदृढ़ होगी, बल्कि पर्यटन की व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
चंबल नदी के किनारे स्थित पिछड़े क्षेत्रों के विकास के उद्देश्य से वर्ष 2017 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना की गई थी। किसानों की सहमति से तैयार इस परियोजना का प्रारंभिक संरेखण चंबल के बीहड़ क्षेत्र और चंबल अभयारण्य के ईको-सेंसिटिव ज़ोन से होकर गुजरता था। बाद में परियोजना की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपी गई।
पर्यावरण प्रभाव आकलन समिति (EAC) के निर्देशों के अनुरूप अब परियोजना के संरेखण में संशोधन किया जा रहा है, जिससे चंबल क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन रखते हुए इस परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर से वन्यजीव पर्यटन को मिलेगा बढ़ावाप्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को सशक्त करने के उद्देश्य से टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत सड़कों के उन्नयन और विकास को भी नई दिशा मिली है। यह परियोजना केंद्रीय मंत्री गडकरी द्वारा जबलपुर प्रवास के दौरान घोषित की गई थी। इसके अंतर्गत पेंच से कान्हा, कान्हा से बांधवगढ़ और बांधवगढ़ से पन्ना टाइगर रिज़र्व को जोड़ने वाले मार्गों का उन्नयन प्रस्तावित है। लगभग 625 किलोमीटर लंबाई वाले इस कॉरिडोर से सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन सुनिश्चित होगा, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आवश्यक प्रशासनिक और वैधानिक स्वीकृतियों के शीघ्र मिलने से परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

