ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर रही ग्रामीण महिलाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- 89 नमो ड्रोन दीदियों ने प्राप्त किया सफल पायलट प्रशिक्षण
भोपाल, 06 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए प्रारंभ की गई “नमो ड्रोन दीदी” योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल बन रही है। यह योजना महिलाओं को आधुनिक ड्रोन तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश में अब तक 89 ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट का सफल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना जागृत हुई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मीडिया को जारी संदेश में बताया है कि नमो ड्रोन दीदियां कृषि कार्यों में उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव जैसी सेवाएं प्रदान कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। योजना के तहत ड्रोन खरीद पर कुल लागत का 80 प्रतिशत अनुदान हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। हितग्राही महिला को केवल 50 हजार रुपये का अंशदान करना होता है। इससे महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि किसानों को भी समय एवं श्रम की बचत के साथ किफायती सेवाएं मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि योजना अंतर्गत प्रदेश में एक हजार से अधिक महिलाओं को ड्रोन प्रशिक्षण एवं ड्रोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। नमो ड्रोन दीदीयां किसानों के खेतों में आधुनिक तकनीक से उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़ रही है और परिचालन लागत कम हो रही है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ महिलाओं को नई आजीविका के अवसर प्रदान कर रही है।
नमो ड्रोन दीदियों के अनुभव: ड्रोन की उड़ान से बदला जीवन
जबलपुर की सपना काछी ने ग्राम गोकलपुर में अपने गांव की महिलाओं के साथ “ओम शांति ओम” स्व-सहायता समूह बनाया। उन्होंने सिलाई, कृषि और ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण लिया। मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता से सिलाई मशीन और सामुदायिक निवेश निधि से प्राप्त राशि से गाय खरीदी। सब्जी उत्पादन, सिलाई और दुग्ध व्यवसाय से उनकी मासिक आय 20-22 हजार रुपये हो गई। ड्रोन तकनीक अपनाने के बाद उनकी आय में और वृद्धि हुई।1200 एकड़ में स्प्रे कर केवल ड्रोन से 2.86 लाख रुपये कमाए, अब उनकी मासिक आय 30-35 हजार रुपये है।
खंडवा की श्रीमती कविता चौहान ने रेवापुर गांव में संत सेवालाल स्व-सहायता समूह से अपनी यात्रा शुरू की। ऑनलाइन दुकान से मासिक आय 18-20 हजार रुपये होने लगी। ग्वालियर में नमो ड्रोन प्रशिक्षण लेकर ड्रोन दीदी बनीं। 2 हज़ार 500 एकड़ से अधिक खेतों में स्प्रे कर 7.68 लाख रुपये से अधिक आय अर्जित की। भोपाल में 31 मई 2025 को जंबूरी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना और संवाद करना उनके जीवन का सबसे यादगार पल था।
शाजापुर की प्रियंका सौराष्ट्रीय ने बताया कि नव दुर्गा स्व-सहायता समूह की सदस्य होने के नाते उन्हें इफको से निःशुल्क ड्रोन मिला। साथ ही किसान संजय गुर्जर को भी ड्रोन दिया गया। वे दोनों अब 300 रुपये प्रति एकड़ की दर से नैनो यूरिया और अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
रायसेन की वंदना केवट ने बताया कि नमो ड्रोन दीदी योजना से ड्रोन मिलने के बाद उन्होंने 450 किसानों के खेतों में स्प्रे किया। इससे समय और लागत की बचत हुई और फसलों में समान व प्रभावी छिड़काव हुआ।अब तक 6.05 लाख रुपये की आय हुई। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम डॉक्. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।
सीहोर के इच्छावर की संगीता ने बताया कि वे आत्मनिर्भर महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की बोर्ड सदस्य हैं। कंपनी का गठन वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 10 हजार एफपीओ योजना से हुआ।इससे 2 हज़ार किसान शेयर धारक जुड़े हैं। कंपनी बीज, खाद, दवाएँ और “दीदी सुदाना” पशु आहार सप्लाई करती है। अब तक 6.03 करोड़ का कारोबार और 4.5 लाख का लाभ हुआ। वे प्रधानमंत्री मोदी, सीएम डॉ. यादव और ग्रामीण आजीविका मिशन का आभार व्यक्त करती हैं।
‘’नमो ड्रोन दीदी” योजना प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि का प्रतीक है, जो ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रही हैं। मध्यप्रदेश में इस योजना का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे कई महिलाएं लाभान्वित होंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

