मप्रः ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए मल्टी-टियर मॉनिटरिंग टास्क फोर्स का गठन
भोपाल, 30 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के परिपालन में प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और माइक्रो-लेवल मॉनिटरिंग के लिए 'मल्टी-टियर मॉनिटरिंग टास्क फोर्स' समितियों का गठन किया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा गुरुवार को अपशिष्ट प्रबंधन की निगरानी के लिए चार स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। संभाग स्तरीय समिति के अध्यक्ष संभागीय आयुक्त होंगे।संभाग के संबंधित जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के सीईओ, नगरीय निकायों के आयुक्त/मुख्य नगरपालिका अधिकारी और महापौर/अध्यक्ष सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास सदस्य सचिव होंगे।
जिला स्तरीय समिति कलेक्टर की अध्यक्षता में कार्य करेगी। इसमें नगरीय निकायों के अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ, जन प्रतिनिधि, जिला शिक्षा अधिकारी और शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य सदस्य होंगे। जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी सदस्य सचिव होंग।
निकाय स्तरीय समिति में महापौर या अध्यक्ष समिति के अध्यक्ष होंगे। इस समिति में वार्ड पार्षद, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय व्यापारी, सब्जी मंडी व रहवासी संघों के नामांकित सदस्य शामिल किए जाएंगे। स्वच्छता नोडल अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
वार्ड स्तरीय समिति वार्ड पार्षद की अध्यक्षता में बनेगी। इसमें रहवासी कल्याण संघों के प्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधि और स्थानीय शासकीय स्कूलों के प्राचार्य सदस्य होंगे। स्वच्छता वार्ड प्रभारी को इसका सदस्य सचिव बनाया गया है।
आदेशानुसार समितियों को नियमों के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए उपाय करने के अधिकार दिए गए हैं। बैठकों का आयोजन के तहत संभाग स्तरीय समिति की प्रत्येक छह माह में कम से कम एक बैठक होगी। जिला स्तरीय समिति की प्रत्येक तीन माह में कम से कम एक बैठक होगी। निकाय एवं वार्ड स्तरीय समिति की प्रत्येक माह में कम से कम एक बैठक अनिवार्य रूप से होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

