मप्रः मंत्री उदय प्रताप सिंह को कोर्ट का नोटिस, राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप

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मप्रः मंत्री उदय प्रताप सिंह को कोर्ट का नोटिस, राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप


मप्रः मंत्री उदय प्रताप सिंह को कोर्ट का नोटिस, राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप


जबलपुर, 06 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री के खिलाफ जबलपुर के न्यायालय ने शुक्रवार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। मामला तिरंगा ध्वज के अपमान से जुड़ा हुआ है।

मामला नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव निवासी कोशल द्वारा दायर परिवाद पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2024 आयोजित एक तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे झंडे का अनादर किया गया। विशेष न्यायालय(सांसद/ विधायक मामले) ने मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को 7 अप्रैल 2026 को पेश होने निर्देश दिए है।

न्यायधीश डी पी सूत्रकार की कोर्ट ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है, इसके साथ ही कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के अपराध में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश क्यों न दिया जाए।

दरअसल, नरसिंहपुर निवासी कौशल सिलावट ने कोर्ट में परिवाद दायर किया था। परिवाद में बताया गया कि 11 अगस्त 2024 को गाडरवारा (नरसिंहपुर) में 'तिरंगा यात्रा' का आयोजन किया गया था, जिसका नेतृत्व मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने किया। आरोप है कि इस दौरान मंत्री एक खुली जीप के बोनट पर आसीन होकर जनता को संबोधित कर रहे थे और राष्ट्रीय ध्वज को जीप के बोनट पर इस प्रकार आच्छादित कर दिया गया था कि वह झुक रहा था और उनके पांव को स्पर्श कर रहा था। यह स्थिति राष्ट्रीय गौरव का अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा २ के स्पष्टीकरण का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके अनुसार वाहन के बोनट, छत या किसी अन्य भाग पर राष्ट्रीय ध्वज को ढकना या इस प्रकार रखना गलत है। यह कृत्य तिरंगे झंडे की गरिमा को प्रभावित करता है। यह अपराध है, जिसमें तीन वर्ष तक का कारावास का प्रावधान है।

परिवादी ने कोर्ट को बताया कि इस घटना की शिकायत थाना गाडरवारा में की है, लेकिन पुलिस ने मंत्री के पद होने के कारण एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक, नरसिंहपुर को भी कई बार लिखित शिकायतें भेजी गईं, किन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई और जब पंजीकृत डाक से पुलिस थाना प्रभारी गाडरवारा को शिकायत भेजी गई तो उन्होंने लेने से अस्वीकार कर दिया जो कि उनके वैधानिक कर्तव्यों के विपरीत है। मामले को गंभीरता से विचार करते हुए विशेष न्यायालय ने मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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