मप्र के उज्जैन में महंगा हुआ दूध, चार रुपये प्रति लीटर बढ़ाए दाम
उज्जैन, 03 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले दूध महंगा हो गया है। शहर में खुले दूध के दाम चार रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। शनिवार से नई कीमतें लागू हो गई हैं। शुक्रवार तक जो दूध 62 रुपये लीटर मिल रहा था, उसके लिए अब उपभोक्ताओं को 66 रुपये चुकाने होंगे।
उज्जैन दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहन वासवानी ने बताया कि बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और दूध उत्पादन की बढ़ती लागत को देखते हुए 4 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने बताया कि पशुचारे की बढ़ती कीमतों, परिवहन खर्च और दूध उत्पादन की लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए दाम बढ़ाना जरूरी हो गया था।
उन्होंने बताया कि दूध विक्रेताओं ने उपभोक्ताओं के साथ पशुपालकों को भी राहत देने का फैसला किया है। संघ ने किसानों से दूध खरीदने की दर में 50 पैसे प्रति फैट की बढ़ोतरी की है। इसके बाद किसानों से दूध 9.70 रुपये प्रति फैट की दर से खरीदा जाएगा।
दूध के नए दाम लागू होने के बाद शहर के आम उपभोक्ताओं और गृहिणियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि पहले से महंगे खाद्य पदार्थों के बीच दूध के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। गृहिणी सुनीता शर्मा ने कहा कि सब्जियों और राशन के दाम पहले से ही काफी बढ़े हुए हैं। अब दूध पर भी 4 रुपये बढ़ गए हैं। चार-पांच सदस्यों वाले परिवार में रोजाना करीब 2 लीटर दूध लगता है। ऐसे में महीने का 250 से 300 रुपये तक अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है।
स्थानीय निवासी विकास जैन ने कहा कि दूध महंगा होने का असर सिर्फ चाय या दूध तक सीमित नहीं रहेगा। दही, पनीर और मिठाइयों के दाम भी बढ़ सकते हैं। आम आदमी के घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा। वहीं पशुपालक रमेश पटेल ने कहा कि विक्रेताओं ने किसानों के लिए फैट की दर 50 पैसे बढ़ाई है, यह अच्छी बात है। हालांकि खली और चारे के दाम काफी बढ़ चुके हैं इसलिए पशुपालन की लागत निकालना अब भी चुनौती बना हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वैल
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

