मप्रः पथ विक्रेताओं के स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहा लोक कल्याण मेला

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मप्रः पथ विक्रेताओं के स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहा लोक कल्याण मेला


- पीएम स्वनिधि योजना से प्रदेश के 10.59 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी व्यवसायी लाभान्वित

भोपाल, 11 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में शहरी गरीबों, रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों और पथ-विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना अब उनके स्वावलंबन का मजबूत आधार बन रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ प्रदेश में अब तक 10.59 लाख से अधिक पथ-विक्रेता लाभान्वित हो चुके हैं। इन्हें 16.80 लाख ऋण प्रकरणों के माध्यम से ₹2,908.38 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।

जनसम्पर्क अधिकारी अवंतिका जायसवाल ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि पथ-विक्रेताओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और नए ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 1 से 30 सितम्बर 2026 तक ‘लोक कल्याण मेला’ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से पात्र पथ-विक्रेताओं को बैंकिंग तंत्र से सहज रूप से जोड़ने, लंबित एवं नए ऋण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा क्रेडिट कार्ड सुविधा का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों, नगरीय निकायों और संबंधित सेन्सस टाउन में अभियान व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है।

पहले 11 दिनों में 10 हजार से अधिक ऋण वितरित

‘लोक कल्याण मेला’ अभियान के शुरुआती 11 दिनों में ही उल्लेखनीय प्रगति सामने आई है। 1 से 11 सितम्बर के बीच 12 हजार से अधिक ऋण प्रकरण बैंकों को भेजे गए, जबकि 19,500 से अधिक ऋण प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें से 10,647 प्रकरण स्वीकृत किए गए और 10,488 प्रकरणों में ऋण वितरण सुनिश्चित किया गया। अभियान के दौरान 3,034 नए पथ-विक्रेताओं का ‘शहरी असंगठित कामगार पोर्टल’ पर पंजीयन कर उन्हें योजना से जोड़ा गया है। इसके अलावा 1,158 पथ-विक्रेताओं के क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन भी दर्ज कराए गए हैं।

पथ-विक्रेताओं और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर एसएलबीसी (SLBC), डीएलबीसी (DLBC) तथा बीएलबीसी (BLBC) की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों के माध्यम से ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण और पात्र हितग्राहियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।

महिलाओं की भागीदारी 40 प्रतिशत

पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश ने सामाजिक समावेशिता पर भी विशेष ध्यान दिया है। योजना के तहत लाभान्वित पथ-विक्रेताओं में लगभग 40 प्रतिशत महिला हितग्राही हैं। इससे महिलाओं को अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी उपलब्ध होने के साथ उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी मजबूती मिली है।

योजना की नई व्यवस्था में पथ-विक्रेताओं की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले चरण में ₹15 हजार, दूसरे चरण में ₹25 हजार और तीसरे चरण में ₹50 हजार तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही कारोबार को बढ़ावा देने के लिए ₹30 हजार की सीमा वाला यूपीआई-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

डिजिटल लेन-देन से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा

पीएम स्वनिधि योजना ने पथ-विक्रेताओं को केवल ऋण सुविधा से ही नहीं जोड़ा, बल्कि उन्हें डिजिटल वित्तीय व्यवस्था का हिस्सा बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश में 7.17 लाख से अधिक पथ-विक्रेता नियमित रूप से डिजिटल लेन-देन कर रहे हैं। इन हितग्राहियों ने अब तक ₹54.52 करोड़ से अधिक की कैशबैक राशि अर्जित की है। डिजिटल भुगतान को अपनाने से पथ-विक्रेताओं के कारोबार में पारदर्शिता के साथ उनकी औपचारिक वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच भी मजबूत हुई है।

केंद्र सरकार द्वारा पीएम स्वनिधि योजना की अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाए जाने से अब शहरी क्षेत्र के निर्धन पथ-विक्रेताओं को लंबे समय तक वित्तीय सहायता और कारोबार विस्तार का अवसर मिलेगा। मध्यप्रदेश में चल रहा ‘लोक कल्याण मेला’ इसी दिशा में पात्र पथ-विक्रेताओं को योजनाओं का लाभ उनके निकट पहुंचाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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