जबलपुरः फ्रांस से आए प्रतिनिधिमंडल के समक्ष ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व अन्य परियोजनाओं का हुआ प्रस्तुतीकरण

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जबलपुरः फ्रांस से आए प्रतिनिधिमंडल के समक्ष ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व अन्य परियोजनाओं का हुआ प्रस्तुतीकरण


- सिटीज 2.0 जबलपुर को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट: महापौर

जबलपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। फ्रांस से मध्य प्रदेश के जबलपुर आए प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में गुरुवार को सिटीज 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत होटल नर्मदा जैक्शन में विभिन्न परियोजनाओं को लेकर प्रस्तुतीकरण एवं चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार सहित सिटीज 2.0 से जुड़े अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने फ्रांस से आए प्रतिनिधिमंडल का भारत और जबलपुर में स्वागत करते हुए कहा कि जबलपुर तेजी से बढ़ता हुआ शहर है और विकास कार्यों में राज्य एवं केंद्र सरकार का बेहतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में जबलपुर ने बेहतर स्थान प्राप्त किया है तथा सफाईकर्मियों सहित अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा एवं संरक्षा के क्षेत्र में भी शहर ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले नौ माह में जबलपुर में लगभग 30 हजार लोगों को 31 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस वर्ष 42 हजार से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में नगर निगम द्वारा करों में वृद्धि नहीं की गई है और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलने से कर भुगतान के प्रति उनका विश्वास बढ़ा है।

महापौर ने बताया कि जबलपुर में भवन निर्माण के कचरे से ईंट एवं पेवर ब्लॉक, मंदिरों के फूलों से रंग एवं अगरबत्ती तथा अन्य कचरे के पुनर्चक्रण एवं पुन: उपयोग के लिए प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। गार्डन वेस्ट से ईंट बनाने और प्लास्टिक के पुनर्चक्रण की दिशा में भी कार्य हो रहा है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए यूएन वूमेन के साथ नगर निगम का एमओयू भी हुआ है।

उन्होंने कहा कि नर्मदा को स्वच्छ रखने के लिए शहर में आठ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था की गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण में इस वर्ष जबलपुर को देश के शीर्ष तीन शहरों में लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने वायु गुणवत्ता में सुधार, पौधरोपण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को भी शहर की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया। महापौर ने कहा कि सिटीज 2.0 के अंतर्गत होने वाला निवेश जबलपुर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और नगर निगम परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पूरा सहयोग देगा।

नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज ने कहा कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से जबलपुर में पहले भी अच्छे कार्य किए गए हैं। सिटीज 2.0 के अंतर्गत जबलपुर का चयन शहर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने इसके लिए महापौर, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त सहित सभी अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक नेतृत्व और प्रयासों से जबलपुर को यह अवसर मिला है। सिटीज 2.0 के अंतर्गत भी सभी मिलकर कार्य करेंगे और स्वच्छता के क्षेत्र में जबलपुर को अलग पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे।

विज ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए जबलपुर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया तथा नर्मदा आरती और अर्बन फॉरेस्ट देखने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि सिटीज 2.0 के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा किया जाएगा।

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने फ्रांस से आए प्रतिनिधिमंडल का जिला प्रशासन एवं प्रदेश की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में जबलपुर का तेजी से विकास हुआ है। विशेष रूप से पिछले एक वर्ष में स्वच्छता और अधोसंरचना के क्षेत्र में हुए कार्यों से शहर में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और स्वच्छ वाहनों की दिशा में आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है। फ्रांस एवं संबंधित एजेंसियों से मिल रहे सहयोग के लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली सभी कठिनाइयों और आवश्यकताओं का समाधान किया जाएगा। नियमों एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए परियोजना को सफलतापूर्वक लागू किया जाएगा।

कलेक्टर ने जबलपुर के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को स्वच्छता और ऊर्जा के क्षेत्र में एक अच्छा उदाहरण बताते हुए कहा कि शहर में कचरे से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि सिटीज 2.0 के अंतर्गत शहर के विकास और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए नगर निगम द्वारा सभी संबंधित विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शहर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए परियोजना के विभिन्न घटकों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा तथा नगर निगम की ओर से परियोजना के क्रियान्वयन में पूरा सहयोग दिया जाएगा।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अपर आयुक्त ने सिटीज 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत करीब 100 टन प्रतिदिन क्षमता का सीबीजी प्लांट, दो नए मशीनीकृत ट्रांसफर स्टेशन, मौजूदा ट्रांसफर स्टेशनों का ऑटोमेशन तथा सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रस्तावित हैं।

उन्होंने बताया कि 75 टन प्रतिदिन क्षमता का नया सीएंडडी वेस्ट प्लांट प्रस्तावित है। घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए सीएनजी वाहनों का प्रावधान किया गया है। कचरे की निगरानी के लिए सेंसर, कनेक्टिविटी, सर्वर और सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा। एमआरएफ सेंटर और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के ऑटोमेशन से जुड़े कार्य भी परियोजना में शामिल हैं।

अपर आयुक्त ने बताया कि परियोजना के विभिन्न घटकों के लिए डीपीआर, पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभाव से जुड़े अध्ययन तथा तकनीकी सर्वे की प्रक्रिया की जा रही है। विभिन्न घटकों की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा चुका है और संबंधित एजेंसियों के माध्यम से आगे की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि परियोजना के सभी घटकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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