जबलपुरः भसुआ रेत के अवैध उत्खनन एवं भंडारण के प्रकरणों में 23.62 लाख रुपये का अर्थदण्ड

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जबलपुरः भसुआ रेत के अवैध उत्खनन एवं भंडारण के प्रकरणों में 23.62 लाख रुपये का अर्थदण्ड


जबलपुरः भसुआ रेत के अवैध उत्खनन एवं भंडारण के प्रकरणों में 23.62 लाख रुपये का अर्थदण्ड


- जमा नहीं करने पर कलेक्टर ने दिए वसूली एवं कुर्की करने के निर्देश

जबलपुर, 26 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को भसुआ रेत के अवैध उत्खनन एवं अवैध भंडारण के दो अलग-अलग प्रकरणों में आदेश जारी कर दोषी व्यक्तियों पर 23 लाख 62 हजार 500 रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है। कलेक्टर सिंह ने अर्थदंड की राशि समयावधि में जमा नहीं करने पर अवैध उत्खननकर्ता और अवैध भंडारणकर्ता से भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार वसूली एवं कुर्की करने के निर्देश दिये हैं।

जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भसुआ रेत के अवैध उत्खनन एवं भंडारण के ये प्रकरण सिहोरा तहसील के ग्राम खम्हरिया कटरा के हैं, जहां दो वर्ष पहले 10 जून 2024 को तहसीलदार और सहायक खनिज निरीक्षक द्वारा की जांच की गई थी। जांच के दौरान गांव के निवासी महेंद्र कुमार और सुरेंद्र कुमार को निजी भूमि से 240 घनमीटर भसुआ रेत का अवैध उत्खनन करने का दोषी पाया गया था। वहीं, पुरुषोत्तम कौल द्वारा शासकीय भूमि पर बिना अनुमति के 75 घनमीटर भसुआ रेत का अवैध भंडारण किया गया था। भसुआ रेत के अवैध उत्खनन और अवैध भंडारण के ये दोनों प्रकरण जिला खनिज अधिकारी द्वारा कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किये गये थे।

कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को दोनों प्रकरणों में सुनवाई के बाद भसुआ रेत का अवैध उत्खनन करने का दोषी पाये जाने पर महेंद्र कुमार और सुरेन्द्र कुमार पर रायल्टी की 15 गुना 4 लाख 50 हजार रुपये की अर्थशास्ति एवं पर्यावरण क्षतिपूर्ति के 4 लाख 50 हजार रुपये और कुल 9 लाख रुपये का शास्ति अधिरोपित की, लेकिन महेंद्र कुमार और सुरेन्द्र कुमार द्वारा प्रशमन के लिये तैयार नहीं होने पर कुल अधिरोपित शास्ति को दोगुना कर 18 रुपये लाख कर दिया गया।

इसी प्रकार शासकीय भूमि पर भसुआ रेत का अवैध भंडारण करने पर पुरुषोत्तम कौल के विरुद्ध रायल्टी का पंद्रह गुना 1 लाख 40 हजार 625 रुपये तथा पर्यावरण क्षतिपूर्ति के एक लाख 40 हजार रुपये और कुल 2 लाख 81 हजार 250 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई, लेकिन प्रशमन के लिये तैयार नहीं होने पर इसे बढ़ाकर दोगुना 5 लाख 62 हजार 500 रुपये कर दिया गया।

कलेक्टर ने खनिज (भसुआ) के अवैध उत्खनन एवं अवैध भंडारण के इन प्रकरणों में उत्खननकर्ता एवं भंडारणकर्ता को शास्ति (अर्थदण्ड) की राशि शासन के खाते में जमा कर चालान की प्रति जिला खनिज अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिये हैं। उन्होंने आदेश का पालन नहीं किये जाने की स्थिति में तहसीलदार के माध्यम से भू-राजस्व संहिता के उपबंधों के अनुसार वसूली करने और कुर्की की कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर कार्यालय की ब्रिस्क शाखा के प्रभारी अधिकारी को दिये हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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