जबलपुर में कथित धर्मांतरण का मामला, प्रलोभन देकर धर्म बदलवाने का आरोप, पादरी समेत दो हिरासत में
जबलपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र के मढ़ई इलाके में कथित धर्मांतरण के आरोपों ने एक बार फिर राज्य में पांथिक गतिविधियों और धर्म स्वतंत्रता कानून के पालन को लेकर बहस तेज कर दी है। एक युवती की शिकायत के बाद हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन किया, जबकि पुलिस ने एक कथित पादरी और एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। मौके से धार्मिक साहित्य भी जब्त किया गया है।
उल्लेखनीय है कि यहां रांझी थाना क्षेत्र के मढ़ई इलाके में स्थित एक मकान में कथित तौर पर हिंदू महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराए जाने की सूचना मिलते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। शिकायत मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और जमकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। उक्त मामला रविवार रात का है।
पुलिस ने मकान की तलाशी के दौरान धार्मिक साहित्य जब्त किया और मौके से एक कथित पादरी तथा लक्ष्मी नामक महिला को हिरासत में लेकर रांझी थाने पहुंचाया। दोनों से देर रात तक पूछताछ चलती रही। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
युवती से कहा गया- समस्याएं दूर होंगी, पैसे भी मिलेंगे
मामले का खुलासा करने वाली युवती पिंकी बैन ने आरोप लगाया कि उसकी पहचान लक्ष्मी नामक महिला से हुई थी। उसने पारिवारिक और आर्थिक परेशानियां बताईं तो महिला ने उसे मढ़ई स्थित मकान में बुलाया। पिंकी का दावा है कि वहां मौजूद लोगों ने उसे ‘ईसाई पंथ(धर्म ) अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कथित तौर पर कहा गया कि धर्म परिवर्तन करने पर उसकी सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाया जाएगा और आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इतना ही नहीं, यदि वह अन्य लोगों को भी वहां लेकर आएगी तो प्रति व्यक्ति तीन हजार रुपये कमीशन देने का प्रस्ताव भी रखा गया। युवती ने स्वयं को असहज महसूस होने पर इसकी सूचना परिचितों और हिंदू संगठनों को दी, जिसके बाद मामला सार्वजनिक हो गया।
हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, सख्त कार्रवाई की मांग
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि जिस मकान में गतिविधियां संचालित हो रही थीं, वहां कई महीनों से कथित धर्मांतरण का काम चल रहा था। संगठन के विधि प्रमुख महेंद्र कुमार शुक्ला ने दावा किया कि मकान को अवैध रूप से चर्च का स्वरूप दिया गया था और वहां महिलाओं को बहला-फुसलाकर मतान्तरित कराया जा रहा था।
विहिप ने आरोप लगाया कि मौके से मिले साहित्य में हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और भड़काऊ सामग्री भी मिली है। संगठन ने आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
रांझी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है। जब्त साहित्य, मौके से मिले दस्तावेज और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि वहां वास्तव में क्या गतिविधियां संचालित हो रही थीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या धर्म परिवर्तन के लिए किसी प्रकार का प्रलोभन, दबाव या अवैध गतिविधि हुई है अथवा नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पिछले एक वर्ष में जबलपुर समेत सामने आए प्रमुख धर्मांतरण विवाद
पिछले एक वर्ष के दौरान जबलपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में निजी मकानों में आयोजित प्रार्थना सभाओं के दौरान धर्मांतरण के आरोपों को लेकर कई शिकायतें सामने आईं। कई मामलों में हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि पुलिस ने दस्तावेजों और गतिविधियों की जांच की। अधिकांश मामलों में जांच के बाद कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई।
दमोह जिले में भी कथित धर्मांतरण की शिकायतों के बाद प्रशासन ने कई स्थानों पर छापामार कार्रवाई की। धार्मिक सभाओं में शामिल लोगों से पूछताछ की गई और दस्तावेजों की जांच की गई। मामला लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति का विषय बना रहा। मंडला और डिंडोरी जैसे आदिवासी बहुल जिलों में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद प्रशासन ने विशेष निगरानी अभियान चलाया। कई धार्मिक आयोजनों की जांच की गई और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से कानून का पालन करने की अपील की।
छतरपुर जिले में कथित धर्मांतरण की सूचना पर हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की और संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच के बाद प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की गई। प्रदेश के बड़े शहरों इंदौर और भोपाल में भी बीते वर्ष धर्मांतरण संबंधी शिकायतें सामने आईं। कुछ मामलों में पुलिस ने जांच के बाद प्रकरण दर्ज किए, जबकि अब भी लगातार यहां से शिकायतों का आना जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

