मप्रः शासकीय कार्यालयों में मितव्ययता बरतने के निर्देश
- आमजनों के लिए भी चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
भोपाल, 19 जून (हि.स.)। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रधानमंत्री के आह्वान के चलते मध्य प्रदेश में राज्य शासन ने शुक्रवार को शासकीय कार्यालयों में मितव्ययता बरतने के साथ ही आमजन के बीच जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिये विभाग प्रमुख और कलेक्टर्स को निर्देश जारी किए हैं।
निर्देश में कहा गया है कि अनावश्यक यात्रा और व्यय में कमीं लाने के लिए विभागीय बैठकों, कार्य-शालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं सेमीनारों का आयोजन यथा संभव वीडियों कांफ्रेंसिंग अथवा हाईब्रिड माध्यम से किया जाए।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश अनुसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया है। भारसाधक सचिव अपने अधीनस्थों की प्रदेश के बाहर की यात्राएं अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही स्वीकृत करेंगे। भार साधक सचिव की प्रदेश के बाहर शासकीय कार्य के लिए यात्राएं पूर्व अनुसार मुख्य सचिव के अनुमोदन उपरांत स्वीकृत की जाएंगी। सभी विभाग भारत सरकार से संबंधित प्रकरणों के अनुसरण के लिए आवासीय आयुक्त नई दिल्ली-मुंबई की सहायता ले सकेंगे।
कृषि, उद्यानिकी तथा संबद्ध विभाग को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने एवं रासायनिक उवर्रकों के संतुलित उपयोग को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह पाइप्ड नेचुरल गैस की लाइन के विस्तार के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य विभाग को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना तथा एलपीजी उपभोक्ताओं के डुप्लीकेट और अपात्र कनेक्शनों की पहचान और उसके निराकरण के लिए अभियान चलाने को कहा गया है। निर्माण विभागों को पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री के उपयोग करने और आमजन के बीच ऐसी सामग्री के प्रचार-प्रसार के उपयोग के लिए निर्देश दिए गए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग ने विद्युत के उचित उपयोग के साथ ही पीएम सूर्यघर योजना में नि:शुल्क बिजली योजना में रूफ:टॉप सोलर स्थापित करने के लिए सभी विभागों से प्रचार करने के लिए कहा है। जनसंपर्क विभाग को मेरा भारत-मेरा योगदान जैसा अभियान चलाकर नागरिकों को ऊर्जा सरंक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया है। इसी तरह पर्यटन विभाग को मध्यपद्रेश से संबंधित प्रवासी भारतीयों को देखो अपना देश तथा छुट्टियां भारत में बिताने के लिए फ्रेंडस आफ एम.पी एवं अन्य एसोसिएशन के माध्यम से प्रेरित करने की अपेक्षा की गई है। खनिज साधन विभाग से कहा गया है कि क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, कोबाल्ट, रेयर अर्थ, कॉपर, कोयला जैसे खनिजों की अनुज्ञाएं एवं लीज अप्रूवल की कार्यवाही सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रदान करने की कार्यवाही करें जिससे आयात से बचा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

