इंदौर: चॉकलेट फैक्ट्री में मिला निर्धारित सीमा से 375 क्विंटल अधिक शक्कर का स्टॉक, जब्त
इंदौर, 02 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए शक्कर नियंत्रण आदेश-2026 के तहत इंदौर में खाद्य विभाग की टीम द्वारा बुधवार को शक्कर के स्टॉक की जांच के लिए प्रभावी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पालदा स्थित एक चॉकलेट निर्माण इकाई में निर्धारित स्टॉक सीमा से अधिक शक्कर पाए जाने पर 375 क्विंटल शक्कर जब्त की गई है। प्रकरण में आगे की जांच एवं कार्रवाई जारी है।
खाद्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि संयुक्त टीम द्वारा पालदा स्थित पैपे न्यूट्रिशन, 360/1 उद्योग नगर, पालदा, इंदौर का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान निर्धारित स्टॉक सीमा से अधिक शक्कर का भंडारण पाए जाने पर मौके से 375 क्विंटल शक्कर जप्त की गई। प्रतिष्ठान के भागीदारों से संबंधित दस्तावेज एवं स्टॉक का परीक्षण भी किया जा रहा है।
इसी क्रम में खाद्य विभाग की टीम द्वारा पालदा क्षेत्र में स्थित शक्कर डीलरों के गोदामों का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान आकाश एंटरप्राइजेज में 2820 क्विंटल, प्रतीक ट्रेडर्स में 2885 क्विंटल, राज ट्रेडर्स में 2378 क्विंटल, अशोक इंटरप्राइजेज में 2600 क्विंटल, सार्थक इंटरप्राइजेज में 2578 क्विंटल, कशिश इंटरप्राइजेज में 1595 क्विंटल, घनश्याम दास आनंदराम बहरारी ट्रेड्स में 1580 क्विंटल, कृति ट्रेडिंग पालदा में 3813 क्विंटल तथा स्वस्तिक इंटरप्राइजेज में 1641 क्विंटल शक्कर का स्टॉक पाया गया।
जांच में उक्त सभी डीलरों के यहां शक्कर का स्टॉक भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 4000 क्विंटल की स्टॉक सीमा के भीतर पाया गया। खाद्य विभाग द्वारा शक्कर नियंत्रण आदेश-2026 के प्रावधानों के तहत जिले में शक्कर के स्टॉक एवं भंडारण की सतत निगरानी की जा रही है। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग बालिका की उपचार के दौरान मृत्यु के बाद हर्ष क्लिनिक सील
वहीं, इंदौर के जूनी इंदौर थाना क्षेत्र अंतर्गत खातीवाला टैंक स्थित हर्ष क्लिनिक में उपचार के दौरान 10 वर्षीय बालिका दिव्यांशी सोलंकी की मृत्यु के मामले में स्वास्थ्य एवं पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई है। परिजन द्वारा प्रस्तुत शिकायत के आधार पर संबंधित क्लिनिक को सील कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बुधवार को बताया कि हर्ष क्लिनिक में 10 वर्षीय बालिका दिव्यांशी सोलंकी की उपचार के दौरान मृत्यु हुई थी। प्रकरण में प्राप्त शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित क्लिनिक को सील किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हासानी ने जूनी इंदौर थाना प्रभारी को निर्देशित किया है कि प्रकरण की गंभीरता एवं जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जांच पूरी होने तक उक्त क्लिनिक में किसी भी प्रकार की चिकित्सा गतिविधि संचालित नहीं होने दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में उक्त क्लिनिक बिना वैधानिक अनुमति अथवा वैध पंजीयन के संचालित होना पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रकरण की जांच एवं नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।
सयाजी होटल से लिए गए 8 नमूनों में 2 असुरक्षित एवं 3 अवमानक पाए गए
पूर्व में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा सयाजी होटल, इंदौर से लिए गए खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट बुधवार को प्राप्त हुई है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पनीर, सान्या मीडियम फैट पनीर एवं खोपरा बूरा के 3 नमूने अवमानक, जबकि पिस्ता कतरन एवं मूंगफली दाना के 2 नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। वहीं रोस्टेड चना दाल, बारीक सौंफ एवं अजवाइन कुकीज़ के 3 नमूने मानक स्तर के पाए गए हैं। इस प्रकार सयाजी होटल से लिए गए कुल 8 नमूनों में से 2 नमूने असुरक्षित, 3 नमूने अवमानक एवं 3 नमूने मानक स्तर के पाए गए हैं।
डुग्गू इंटरप्राइजेज एवं कृष इंटरप्राइजेज से लिए गए घी के नमूने असुरक्षित
डुग्गू इंटरप्राइजेज, तलावली चंदा, इंदौर से लिए गए घी के नमूनों की जांच रिपोर्ट में श्रीमूल घी के 05 नमूने, गौसन्त घी के 02 नमूने, गूमर घी का 01 नमूना एवं श्री शुद्ध घी का 01 नमूना—सभी नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। इसी प्रकार कृष इंटरप्राइजेज, लसूडिया मोरी, इंदौर से लिए गए वास्तु घी के 07 नमूने भी असुरक्षित पाए गए हैं।
प्राप्त जांच रिपोर्टों के आधार पर संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं उसके अधीन बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

