इंदौरः परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, सात बसें की गई जब्त, परमिट किए जाएगे निरस्त
इंदौर, 05 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में यात्री वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर परिवहन विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर सोमवार को आरटीओ की टीम द्वारा तीन इमली बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में फायर मानको और आपातकालीन निकास के इंतजाम को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 7 बसें जब्त की गईं। इनमें 3 स्लीपर कोच बसें शामिल हैं, जिनमें गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गईं। अब इनके परमिट निरस्त किए जा रहे है।
एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि सोमवार को सघन जांच के दौरान सामने आया कि इन बसों में अग्नि सुरक्षा उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट और पंजीयन के अनुसार निर्धारित बैठक क्षमता का पालन नहीं किया गया था। इसके चलते संबंधित स्लीपर कोच बसों के पंजीयन, फिटनेस और परमिट निरस्त करने के लिए मूल पंजीयन प्राधिकारी और संबंधित आरटीओ को पत्र लिखा जा रहा है। वहीं एक बस बिना वैध परमिट के संचालन करते हुए पाई गई, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। जबकि एक बस का फिटनेस निरस्त किया गया है। निरीक्षण के दौरान पंजीयन और परमिट के अनुसार निर्धारित बैठक क्षमता में भी विसंगति पाई गई। इस आधार पर संबंधित बसों के पंजीयन और परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह जांच अभियान एआरटीओ राजेश गुप्ता के नेतृत्व में परिवहन विभाग के स्टाफ और विशेष जांच दल द्वारा चलाया जा रहा है, जो आगे भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा।
एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि हमने बस संचालकों से कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वैध दस्तावेज, अग्नि सुरक्षा उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य निर्धारित मानकों की पूर्ति सुनिश्चित करने के बाद ही वाहनों का संचालन करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह है अग्नि सुरक्ष मानकपरिवहन विभाग के अनुसार एक अक्टूबर 2023 के बाद पंजीकृत डीलक्स बसों में FDSS (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) तथा डीलक्स बसों और स्कूली वाहनों में FAPS (फायर अलार्म एंड प्रोटेक्शन सिस्टम) अनिवार्य किया गया है। जबकि एक अक्टूबर 2023 से पहले पंजीकृत वाहनों में निर्धारित वजन का सीजफायर, तय संख्या में इमरजेंसी एग्जिट और आपात स्थिति में कांच तोड़ने के लिए हैमर होना अनिवार्य है। जांच में 3 स्लीपर बसों में ये व्यवस्थाएं नहीं पाई गईं, जिस पर उन्हें जब्त किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

