इंदौरः जनसुनवाई बनी जनविश्वास का आधार, हर जरूरतमंद तक पहुंची प्रशासनिक सहायता

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इंदौरः जनसुनवाई बनी जनविश्वास का आधार, हर जरूरतमंद तक पहुंची प्रशासनिक सहायता


इंदौरः जनसुनवाई बनी जनविश्वास का आधार, हर जरूरतमंद तक पहुंची प्रशासनिक सहायता


- जनसुनवाई में समस्याओं का त्वरित निराकरण, हितग्राहियों ने कलेक्टर का जताया आभार

इंदौर, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित हो रही साप्ताहिक जनसुनवाई आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं कलेक्टर शिवम वर्मा के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा पात्र हितग्राहियों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए।

जनसुनवाई के माध्यम से प्रशासन निरंतर आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं को सहानुभूति के साथ सुना और उनका निराकरण किया।

कलेक्टर वर्मा का किसानों ने साफा एवं पुष्पहार पहनाकर जताया आभार

इंदौर जिले में गंभीर नदी को पुनर्जीवन देने का कार्य तेजी से जारी है। प्रारंभिक चरण में ही इसके सुखद परिणाम सामने आने लगे हैं। अल्प वर्षा में ही नदी में और आसपास के खेतों के कुंओं में पानी ठहरने लगा है। अपने सुखद भविष्य की शुरूआत होते देख किसानों में खुशी की लहर है। आज इस नदी से जुड़े कैलोद गाँव के किसान बड़ी संख्या में एकत्र होकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचे और उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पहुँचे किसानों ने कलेक्टर शिवम वर्मा का गंभीर नदी पुनर्जीवन परियोजना को अमली रूप देने पर साफा एवं पुष्पहार पहनाकर हृदयपूर्ण आभार व्यक्त किया। इस दौरान ग्राम कैलोद के सरपंच कमल चौधरी, जनपद सदस्य विलीन पाटीदार सहित ग्राम के कृषकगण उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि गंभीर नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि मालवा अंचल की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों तथा स्थानीय कृषकगणों की सक्रिय भागीदारी से उक्त कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देकर गंभीर नदी को पुनः अविरल और निर्मल बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किया जा रहा है। नदी तटों पर वृक्षारोपण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेकडैम, लूज बोल्डर संरचनाएं, रिचार्ज शाफ्ट, खेत तालाब तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

जनसुनवाई में पहुंचे कैलाशचंद्र लाड़वा ने कलेक्टर के समक्ष पूर्व में प्रस्तुत अपनी समस्या के त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर को पुष्पमाला पहनाकर शासन-प्रशासन के प्रति अपनी आभार व्यक्त किया। लाड़वा ने कहा कि जनसुनवाई आमजन के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बन गई है, जहां प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनकर उसका समयबद्ध समाधान किया जा रहा है।

इसी क्रम में शेराबाई मौर्य अपनी पोतियों के साथ जनसुनवाई में पहुंचीं और कलेक्टर शिवम वर्मा को अपनी पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि चार वर्ष पूर्व उनके पोते स्व. शिवम मौर्य का निधन हो गया था। उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक 6 वर्षीय पुत्र एवं एक 8 वर्षीय पुत्री है। पोते के निधन के बाद से दोनों बच्चों का पालन-पोषण एवं भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी मुझ पर ही है, जबकि मेरी आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। इस प्रकरण को गंभीरता से देखते हुए कलेक्टर वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल 24 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। बच्चों की शिक्षा के लिए भी निर्देशित किया।

एक अन्य प्रकरण में मानसिंह जनसुनवाई में पहुंचे और कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या रखी। उन्होंने बताया कि मशीन पर कार्य करने के दौरान हुई दुर्घटना में हाथ की चारों उंगलियां कट गई थीं, जिसके कारण मैं, कार्य करने में असमर्थ हूँ और आर्थिक तंगी का सामना कर रहा हूँ। उनकी स्थिति को गंभीरता से देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को 10 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें शीघ्र राहत मिल सके।

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अधिकारियों ने आमजन से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर कलेक्टर वर्मा के निर्देशन में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कई आवेदन प्राप्त हुए जिसमें मुख्य रूप में प्लॉट, संपत्ति, पारिवारिक विवाद, चिकित्सा सहायता और रोजगार से जुड़े प्रकरण रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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