शहर के एक हजार बगीचों में 3 लाख 50 हजार वृक्ष लगाकर नगरवासियों के लिए बनाएंगे ऑक्सीजन जोन: विजयवर्गीय
इंदौर, 26 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को 21 लाख पौधारोपण के संकल्प के साथ इंदौर में बिजासन टेकरी के सामने स्थित वन विभाग की भूमि रमना पर 50 हजार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शहर के एक हजार बगीचों में 3 लाख 50 हजार वृक्ष लगाकर नगरवासियों के लिए ऑक्सीजन जोन बनाए जा रहे हैं। हमारे आज के प्रयास भविष्य के शहर को हरा-भरा बनाएंगे।
वर्षा होने पर रोजाना लगेंगे एक लाख पेड़
इस अवसर पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने वृक्षारोपण का आह्वान किया और अहमदाबाद का उदाहरण दिया कि वहां पर एक घंटे में 3 लाख 50 हजार पौधे लगाकर लोगों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। हम एक पेड़ मां के नाम से हर साल पेड़ लगा रहे हैं। शहर में जगह की कमी है इसलिए हमने निर्णय किया कि शहर में स्थित बगीचों के 25 प्रतिशत भाग में घना वृक्षारोपण करेंगे।
उन्होंने कहा कि विधायक मधु वर्मा 97 स्कीम के अंदर एक लाख पेड़ लगा रहे हैं। हमारा लक्ष्य इस साल 21 लाख पौधे लगाने का है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि इससे ज्यादा पेड़ हम लगाएंगे। वर्षा के नहीं होने की वजह से वृक्षारोपण अभियान पर असर पड़ा है। हम अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं जैसे ही वर्षा होगी हम रोजाना एक लाख पेड़ लगाएंगें।
उन्होंने कहा कि वन विभाग को इन पौधों का ख्याल रखने यदि किसी तरह की दिक्कत हो तो हमें बतलाएं, हम इन पौधों को वृक्ष बनाएंगे। यह स्थान भविष्य का शहर में बड़ा ऑक्सीजन जोन बनेगा। कुछ साल पहले हाईकोर्ट के सामने कुछ सौ साल पुराने वृक्षों को हमने शिफ्ट किया। दुर्भाग्यवश उनमें से कुछ चल नहीं पाए, मुझे इतना दुख हुआ कि मैं रातभर सो नहीं पाया। इसके बाद हमने उस जगह पर एक पेड़ के स्थान पर सौ पेड़ लगाए।
विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ समय पहले मैं रेवती रेंज गया था। वहां में एक घंटे के लिए गया था, लेकिन वहां के प्राकृतिक सौंदर्य को देखते हुए मैं वहां पर 4 घंटे रुका। पेड़ जीवित इंसान की तरह है और एक पेड़ लगाना एक शिवालय के निर्माण की तरह पुण्य कार्य है। पेड़ जहर पीते हैं हमे ऑक्सीजन रुपी अमृत देते हैं। पेड़ के बिना हमारे जीवन की कल्पना असंभव है। प्रधानमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम का जो संदेश दिया है उसके तहत हमने पेड़ लगाए हैं और आगे भी लगाते रहेंगे। पेड़ों के जीवित रहने की दर बेहतर रख-रखाव करने पर भी 70 प्रतिशत होता है। 30 प्रतिशत मुरझा जाते हैं। इसलिए हमने इन 30 प्रतिशत पेड़ों को बदलने के लिए एक नर्सरी बनाने का निर्णय किया है।
आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी से मंगवाए गए हैं पौधे
गौरतलब है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में हरीत क्षेत्र को बढ़ावा देने, जैव विविधता का संरक्षण करने, वायु गुणवत्ता में सुधार करने औऱ शहरों को ऑक्सीजन बैंक प्रदान करने के उद्देश से शहरी वन विकसित किए जा रहे हैं। पौधारोपण के लिए आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी से 10 फीट तक के पौधे मंगवाए गए हैं। इसके साथ ही शेष पौधे 5 फीट से ज्यादा ऊंचाई के रोपे जा रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पौधारोपण के साथ किया गया। वृक्षारोपण के इस कार्यक्रम में नगर निगम, वन विभाग, बीएसएफ की टीम, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष श्रवण चावड़ा जनकार्य समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़, एमआईसी मेंबर, भाजपा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में आम लोगों ने हिस्सा लेकर पौधारोपण किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

