इंदौरः शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में एक दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन सम्पन्न

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इंदौरः शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में एक दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन सम्पन्न


- औषधि उत्पादक किसान एवं औषधि निर्माता कंपनी के बीच में हुआ एमओयू साइन

इंदौर, 17 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश में आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता युक्त खेती एवं औषधि निर्माता कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए मंगलवार को शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में मध्य प्रदेश राज्य औषधि पादप बोर्ड के द्वारा एक दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन एवं औषधि पौधों की वैज्ञानिक पहचान से वैश्विक विपणन तक खेती गुणवत्ता और बाज़ार के अवसर विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य कार्यपालन अधिकारी राष्ट्रीय औषधि पादप बोर्ड आयुष विभाग भारत सरकार डॉ. महेश कुमार दाधीच और मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्य प्रदेश राज्य औषधि पादप बोर्ड संजय कुमार मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में इंदौर संभाग से औषधि खेती करने वाले लगभग 70 किसान एवं लगभग 30 औषधि निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में आयुर्वेदिक औषधि की खेती करने के संबंध में मार्केट में वितरण, उपलब्धता, गुणवत्ता आदि पर विचार किया गया एवं किस प्रकार समन्वय के द्वारा किसानों से आयुर्वेदिक औषधियां आयुर्वेद कंपनियों तक पहुंचे एवं बेहतर दवाइयां आम जनता को प्राप्त हो सके, इस पर विचार किया गया।

मुख्य अतिथि ने बताया कि औषधि खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने अश्वगंधा का डाक टिकट जारी किया है। स्कूलों में जागरूकता हेतु पोषण वाटिका का निर्माण किया जाएगा एवं भविष्य में नीमच के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी मंडी लगाने का प्रस्ताव है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों के रूप में सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी पीसी दुबे, कानून विशेषज्ञ आशीष श्रीवास्तव, आईआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर हेमचंद्र झा, अजय दसुन्दी, जेनिथ फार्मा, एमएसएमई के असिस्टेंट डायरेक्टर गौरव गोयल, गौरव पाठक, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से डॉ. स्मृति चिटनिस ने अपने व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में डॉ. अजीत पाल सिंह चौहान प्राचार्य के द्वारा कार्यक्रम की भूमिका एवं स्वागत भाषण दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में किसानों एवं औषधि निर्माण कंपनियों के बीच 10 एमओयू साइन किए गए, ताकि भविष्य में आपसी समन्वय के द्वारा बेहतर औषधीय का उत्पादन एवं औषधि निर्माण हो सके। आभार प्रदर्शन डॉ. एस के नायक एवं डॉ. विमल अरोड़ा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीति हरदेनिया और डॉ. अनुरुचि सोलंकी द्वारा किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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