इंदौरः एमवाय हॉस्पिटल में चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में कड़ी कारवाई के निर्देश

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इंदौरः एमवाय हॉस्पिटल में चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में कड़ी कारवाई के निर्देश


- शिशु को प्रदान करें सर्वोत्तम उपचार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल, 09 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने एमवाय हॉस्पिटल इंदौर में चिकित्सकीय लापरवाही के मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने शुक्रवार को मामले की प्रारंभिक जानकारी प्राप्त करने के बाद संबंधित चिकित्सकीय एवं सहायक स्टाफ की भूमिका की जाँच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शिशु का सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा, समय पर उपचार और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सेवा प्रदान करना स्वास्थ्य सेवाओं का मूल उद्देश्य है। राज्य सरकार इस दिशा में सतत प्रयास कर रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दरअसल, बेटमा निवासी एक डेढ़ महीने के बच्चे को निमोनिया के इलाज के लिए एमवाय अस्पताल के चेस्ट वार्ड में भर्ती कराया गया था। बच्चे के हाथ में मेडिकल टेप लगा हुआ था। नर्स जब कैंची से टेप काट रही थी, तभी लापरवाही हो गई और कैंची सीधे बच्चे के अंगूठे पर लग गई। बच्चे का अंगूठा कट गया। परिजन गुस्से में आ गए और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। संबंधित नर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही तीन नर्सिंग इंचार्ज का वेतन रोकने की कार्रवाई भी की गई है। घटना के तुरंत बाद बच्चे को इंदौर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया, जहां प्लास्टिक सर्जन की टीम ने ऑपरेशन कर कटे हुए अंगूठे को सफलतापूर्वक जोड़ दिया।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

एमवाय अस्पताल में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यहां नवजात बच्चों को चूहों द्वारा कुतरे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बार-बार हो रही ऐसी लापरवाहियों ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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