(संशोधित) इंदौर में जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर के डिस्प्ले बोर्ड पर चलीं अरबी की आयतें, हिन्दू संगठनों ने की जांच की मांग

WhatsApp Channel Join Now
(संशोधित) इंदौर में जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर के डिस्प्ले बोर्ड पर चलीं अरबी की आयतें, हिन्दू संगठनों ने की जांच की मांग


इंदौर, 05 सितंबर (हि.स.)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार की रात मध्य प्रदेश के इंदौर में प्राचीन बांके बिहारी मंदिर के बाहर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर कुछ देर के लिए अरबी की आयतें चलने का मामला सामने आया है। शनिवार को सोशल मीडिया पर इसकी वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए मामले की जांच की मांग की है।

इंदौर में दो मंजिला ऐतिहासिक बांके बिहारी मंदिर का निर्माण होलकर वंश के काल में सूबेदार मल्हारराव होलकर प्रथम की पत्नी महारानी हरकुबाई साहेब ने करवाया था। यह मंदिर अपनी अनूठी और खूबसूरत लकड़ी की नक्काशी, कलात्मक खंभों और पुरानी पारंपरिक वास्तुकला के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहां हर साल हर साल जन्माष्टमी पर आयोजन होते हैं। इस बार भी मंदिर में विशेष अनुष्ठान हुए।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर के बाहर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े नारे चलाने के लिए कहा गया था, लेकिन कुछ देर के लिए अरबी की आयतें डिस्प्ले होने लगीं। शनिवार सुबह मामला पुलिस तक पहुंचा तो जांच शुरू हुई। जांच में पता चला कि उर्दू में कुरान की आयतें चली थीं। इसमें डिस्प्ले चलाने वाले संचालक की लापरवाही सामने आई है।

हिंदू संगठनों ने मामले को गंभीर बताते हुए विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जन्माष्टमी पर डिस्प्ले में राधे-राधे, नंद के आनंद भयो और जय कन्हैया लाल की पंक्तियां चलना चाहिए थीं। अरबी की आयतें कैसे चलीं, इसकी जांच होनी चाहिए।

इंदौर क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामला सामने आने के बाद डिस्प्ले बोर्ड पर चल रही सामग्री तत्काल बदल दी गई। पुलिस का कहना है कि स्क्रीन पर कोई धर्म विरोधी नारा या आपत्तिजनक स्लोगन नहीं चलाया गया था।

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि डिस्प्ले बोर्ड किसने लगवाया था, उसका संचालन कौन कर रहा था और पेन ड्राइव में अलग-अलग आयोजनों की सामग्री किस तरह सेव की गई थी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story