समान नागरिक संहिता पर मंथन: उच्च स्तरीय समिति ने इंदौर में विभिन्न पक्षों से लिए सुझाव

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समान नागरिक संहिता पर मंथन: उच्च स्तरीय समिति ने इंदौर में विभिन्न पक्षों से लिए सुझाव


- आमजन से 15 जून तक ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित

इंदौर, 23 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की जन परामर्श बैठक शनिवार को जाल सभागृह, इंदौर में आयोजित की गई। बैठक में समान नागरिक संहिता से जुड़े सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों तथा विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त किये गए।

बैठक की अध्यक्षता समिति के सदस्य शत्रुघन सिंह (सेवानिवृत्त भा.प्र.से.) ने की। इस अवसर पर समिति के अन्य सदस्य अनूप नायर (कानूनविद), गोपाल शर्मा (शिक्षाविद) एवं बुधपाल सिंह (सामाजिक कार्यकर्ता) भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा, मालिनी गौड़, श्रवण चावड़ा, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, गोपीकृष्ण नेमा सहित अन्य जन प्रतिनिधि आदि ने भी शामिल होकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए । कलेक्टर शिवम वर्मा तथा समिति के सचिव अजय कटेसरिया भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति के शत्रुघन सिंह ने समिति गठन के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा गठित यह उच्च स्तरीय समिति विवाह, भरण-पोषण, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार तथा अन्य पारिवारिक कानूनों से संबंधित विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में उपयुक्त अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी। जनपरामर्श बैठकों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। समिति द्वारा प्रदेशभर के जिलों में जाकर नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। आमजन से सुझाव प्राप्त करने के लिए एक विशेष वेबसाइट का निर्माण भी किया गया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में समान नागरिक संहिता मध्य प्रदेश की वेबसाइट का विमोचन किया था। वेबसाइट के माध्यम से नागरिक अपने सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।

बैठक में बताया गया कि समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक नागरिक समिति की वेबसाइट ucc.mp.gov.in पर अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राज्यों में इस दिशा में कार्य प्रारंभ हुआ है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से इस विषय पर सुझावों का संकलन एवं विचार-मंथन किया जाएगा, ताकि नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए समग्र एवं व्यवहारिक अनुशंसाएं तैयार की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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