इंदौरः एमएसएमई और आईटी-स्टार्टअप विषय पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किया युवाओं का मार्गदर्शन

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इंदौरः एमएसएमई और आईटी-स्टार्टअप विषय पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किया युवाओं का मार्गदर्शन


इंदौर, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 के अंतर्गत एमएसएमई और आईटी/स्टार्टअप कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस सत्र में विशेषज्ञों ने एकमत से कहा कि मध्य प्रदेश का तीव्र विकास और तेजी से विकसित हो रहा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर युवाओं को 'नौकरी खोजने वाले' के बजाय 'नौकरी देने वाले' के रूप में स्थापित करने के लिए पूर्णतः तैयार है।

यह कार्यशाला न केवल युवाओं के नवाचारी विचारों को धरातल पर उतारने के लिए प्रेरित करने वाली रही, बल्कि स्टार्टअप की राह में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को समाप्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हुई।

सत्र के दौरान विभाग द्वारा वर्ष 2027 और 2030 तक के महत्वाकांक्षी संकल्पों का खाका प्रस्तुत किया गया, जो प्रदेश में उद्यमिता की एक नई लहर का सूत्रपात करेंगे। शासन की योजना के अनुसार, वर्ष 2030 तक युवा उद्यमियों के लिए एकल खिड़की ऋण प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे 30 दिनों के भीतर ऋण स्वीकृति सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही, प्रदेश के प्रत्येक शासकीय विश्वविद्यालय में इन्क्यूबेशन केंद्र की स्थापना और कुल 200 इन्क्यूबेशन केंद्रों का विकास कर स्टार्टअप्स को तकनीकी व संस्थागत संबल प्रदान किया जाएगा। नवाचार आधारित उद्योगों के लिए 'सीड फंड' तक सुगम पहुंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ, राज्य भर में 50 से अधिक उद्यम सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ पंजीकरण से लेकर निर्यात तक की हर सुविधा 'वन-स्टॉप' समाधान के रूप में मिलेगी।

शासन की समावेशी विकास नीति के तहत वर्ष 2027 तक महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन देने और ओएनडीसी के माध्यम से उन्हें डिजिटल बाजार से जोड़ने का संकल्प भी लिया गया है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2030 तक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डेटा सेंटर कंपनियों के सहयोग से इंटर्नशिप व रोजगार के नए अवसर सृजित करने, तथा सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में स्टार्टअप्स की भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई गई है।

सत्र में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों ने युवाओं का मार्गदर्शन किया, जिनमें एमएसएमई विभाग के संयुक्त निदेशक विनय तिवारी और समरथ सिंह मंडलोई की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशेषज्ञों के पैनल में संस्थापक परकांत टेक लोकंत जैन, संस्थापक वर्की सावन लड्ढा, सहायक निदेशक एमएसएमई डीएफओ नीलेश त्रिवेदी, उपाध्यक्ष वैली एनएक्सटी वेंचर्स हर्षवर्धन सकलेचा, संस्थापक एवं सीईओ मीलो हनी दीपक बघेल, निदेशक माहेश्वरी क्रिएशन्स सीमा मिश्रा, निदेशक अविन्या माइलटेक अंबर अरोनदेकर और सत्र के मॉडरेटर तथा सीगल वेंचर्स के संस्थापक सौरभ मिश्रा शामिल रहे। विशेषज्ञों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शासन की स्टार्टअप-अनुकूल नीतियों और सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाकर 'आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश' के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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