मप्रः इंदौर जिला जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित, नलकूप खनन पर प्रतिबंध

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मप्रः इंदौर जिला जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित, नलकूप खनन पर प्रतिबंध


इंदौर, 07 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में भू-जल स्तर में गिरावट को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शिवम वर्मा ने अशासकीय-निजी नलकूप खनन पर आगामी 30 जून तक के लिए प्रतिबंध लगाया है। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इंदौर के शहरी एवं सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों को जल अभावग्रस्त क्षेत्र भी घोषित किया गया है।

कलेक्टर वर्मा ने मंगलवार को यह प्रतिबंध कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (जलप्रदाय) नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर लगाया है। प्रतिवेदन में बताया गया कि इन्दौर शहर में भू-जल स्त्रोतों का अतिदोहन होने से पेयजल स्रोतों/नलकूपों का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। गिरते भू-जल स्तर के कारण संपूर्ण शहर में आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की संभावना की दृष्टिगत रखते हुए शहर में पेयजल से भिन्न अन्य प्रयोजन के लिये नवीन निजी नलकूपों के खनन पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है।

शहर में पेयजल संकट की संभावनाओं को देखते हुए निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाता है तो ग्रीष्म ऋतु में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना रहती है। पूर्व में भी जिले में भू-जल की गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी इन्दौर द्वारा अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर विगत 20 मार्च 2025 से 15 जून 2025 तक प्रतिबंध लगाया गया था। विगत वर्ष अनुसार ही आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए शहर में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में प्रतिवेदन में अनुरोध किया गया है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शिवम वर्मा ने उक्त प्रतिवेदन के आधार पर मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा संशोधन अधिनियम 2002 (अधिनियम) में निहित प्रावधानों के तहत इन्दौर जिले के शहरी एवं ग्रामीण सम्पूर्ण क्षेत्रों को जल आभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। जिले में निरन्तर भू-जल की गिरावट की दृष्टिगत रखते हुए अधिनियम की धारा 6 (1) के अन्तर्गत सम्पूर्ण जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर 30 जून 2026 तक प्रतिबंध लगाया गया है।

ऐसी बोरिंग मशीन जो अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर प्रवेश करेगी अथवा नलकूप खनन (बोरिंग) का प्रयास करेगी, उक्त मशीनों को जप्त कर संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार संबंधित राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम अधिकारियों को होगा।

समस्त अपर कलेक्टर अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत अपरिहार्य प्रकरणों में नगर निगम सीमा क्षेत्रों में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी नगर निगम इन्दौर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्रामीण इंदौर द्वारा प्रदत जांच प्रतिवेदन के आधार पर केवल रजिस्टर्ड एजेन्सियों द्वारा नवीन नलकूप खनन हेतु निर्धारित शर्तों के अधीन अनुज्ञा देने हेतु प्रधिकृत किया गया है। प्रतिबंध उल्लंघन करने पर दो हजार रुपये का जुर्माना तथा दो वर्ष तक के कारावास या दोनों से दण्डित करने का प्रावधान है। शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत किये जाने वाले नलकूप उत्खनन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। इस हेतु उपरोक्तानुसार अनुझा प्राप्त किया जाना आवश्यक नहीं होगा।

नवीन खनित निजी नलकूप एवं अन्य विद्यमान निजी जल स्त्रोतों का आवश्यकता होने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था हेतु अधिनियम की धारा-4 के अन्तर्गत अधिग्रहण किया जा सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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