मप्रः इंदौर क्राइम ब्रांच ने बदमाश मुख्तियार खान की 4 करोड़ की संपत्ति की सीज
- जमीनों पर अवैध कब्जा कर उसे छोड़ने के बदले मांगता था रुपये
इंदौर, 25 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की इंदौर क्राइम ब्रांच ने प्लॉटों पर अवैध कब्जा कर टीन शेड और दुकानें बनाने तथा कब्जा छोड़ने के बदले प्लाट मालिकों से रकम मांगने के आरोप में गिरफ्तार लिस्टेड बदमाश मुख्तियार खान की करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज कर दी है।
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राजेश त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि आरोपित मुख्तियार खान निवासी एलआईजी-एमआईजी थाने का सूदीबद्ध बदमाश है और उसके विरुद्ध 35 से ज्यादा आपराधिक मुकदमें दर्ज है। सोमवार को थाना प्रभारी जितेंद्र यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम मुख्तियार को लेकर उसके घर पहुंची थी। जांच के दौरान अवैध शेड में बने गोदाम और दुकानों से जुड़े दस्तावेज मिले। क्राइम ब्रांच ने मुख्तियार से इन संपत्तियों की खरीदी और मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज मांगे। संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने के बाद टीम ने उससे जुड़ी संपत्तियों का मौके पर निरीक्षण किया और उन्हें सीज करने की कार्रवाई की।
एडिशन डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राजेश दंडोतिया ने बताया कि मुख्तियार खान एलआईजी क्षेत्र का निवासी है। उसने राधिका कुंज कॉलोनी के खाली प्लॉटों पर कथित तौर पर कब्जा कर वहां टीन शेड और दुकानें बना ली थीं। इनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। प्लॉट मालिकों ने जब अपनी जमीन खाली करने के लिए कहा तो आरोपी ने कथित तौर पर उनसे बड़ी रकम की मांग की। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसी मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। क्राइम ब्रांच उसकी तलाश कर रही थी। दो दिन पहले यानी रविवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, साल 2018 में राधिका कुंज की कब्जे वाली जमीन पर मुख्तियार ने कथित तौर पर एक टॉर्चर रूम बना रखा था। यहां उसके बेटे से विवाद के बाद एक नाबालिग को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की गई थी। आरोप है कि नाबालिग को बेल्ट से पीटा गया और उससे टॉयलेट सीट चटवाई गई। घटना का वीडियो भी बनाया गया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तत्कालीन टीआई तहजीब काजी ने मुख्तियार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने उसके अवैध कब्जों की जानकारी जुटाई और प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जमीन खाली कराई थी। इस दौरान आरोपी का मकान भी तोड़ा गया था। मामले में मुख्तियार को जेल भेजा गया था। आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद मुख्तियार ने विजय नगर और एमआईजी के खुफिया सेल के कुछ जवानों से नजदीकियां बढ़ा ली थीं।
पुलिस के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद भी मुख्तियार पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगते रहे। वह एमआईजी थाने का लिस्टेड गुंडा है और वर्तमान में एलआईजी लिंक रोड पर सोफा की दुकान चलाता है। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के निर्देशन में क्राइम ब्रांच मुख्तियार की संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने फिलहाल करीब 4 करोड़ रुपए की संपत्ति सीज की है और इनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, मुख्तियार को लेकर चार प्लॉट की एफआईआर दर्ज हुई थी। मौके पर पहुंचने पर तीन अन्य प्लॉट के दस्तावेज भी मिले, जिसके आधार पर करीब सात संपत्तियां सीज की गई हैं। मामले में नगर निगम और राजस्व विभाग से जानकारी मांगी गई है। जांच में सामने आया है कि कुछ प्लॉट 10 हजार वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल के हैं, जबकि कुछ का क्षेत्रफल 2 हजार से 5 हजार वर्गफीट के बीच है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

