(अपडेट) इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर गरमाई राजनीति, भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आए आमने-सामने
इंदौर, 03 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर राजनीति गरमा गई है। शनिवार को यहां प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़ गए। इस दौरान जमकर हंगामा, नारेबाजी और धक्का-मुक्की देखने को मिली। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। जवानों ने हल्का बल प्रयोग कर कांग्रेस नेताओं को गाड़ियों में भरा और इलाके से दूर ले गए।
दरअसल, कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई है। कांग्रेस की यह पांच सदस्यीय समिति शनिवार को भागीरथपुरा के लोगों से मिलने पहुंची थी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की जांच समिति का विरोध किया। इस पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। भाजपा कार्यकर्ता ने 'बाहरी लोग वापस जाओ' के नारे लगाए तो कांग्रेसी 'घंटा पार्टी मुर्दाबाद' के नारे लगाने लगे। काले झंडे दिखाए गए, चूड़ियां फेंकी गईं। इसी दौरान किसी ने पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की तरफ चप्पल भी फेंकी।
एडिशनल सीपी अमित सिंह और कई सीनियर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप गरेवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को हिरासत में ले लिया। गाड़ी में बैठाकर उन्हें बाहर ले गए।
वहीं, भोपाल से एम्स की टीम शनिवार को इंदौर के भागीरथपुरा पहुंची। लीकेज वाली जगह का निरीक्षण किया। टीम ने इस विजिट की जानकारी इंदौर नगर निगम को दी थी लेकिन कोई भी अधिकारी यहां नहीं पहुंचा।
दूषित जल की समस्या पर त्वरित कार्यवाही कर 48 घंटे में समाधान के निर्देशइंदौर में दूषित जल की समस्या के त्वरित समाधान को लेकर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को जिला कलेक्टर शिवम वर्मा तथा नगर निगम के सभी अपर आयुक्तों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गंदे पानी की समस्या की समीक्षा करते हुए कार्य-विभाजन किया गया और समाधान की स्पष्ट रणनीति तय की गई।
महापौर भार्गव ने कहा कि कठिन समय में जनता के साथ खड़े होकर उनकी समस्याओं का समाधान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के सभी महापौरों, अधिकारियों की हाल ही में हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप पूरे शहर में सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के माध्यम से जहां-जहां गंदे पानी की समस्या पाई जाएगी, वहां 48 घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही नागरिकों को जागरूक करने एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते सुधारात्मक कार्य करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार कार्य-वितरण कर तत्काल कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसी क्रम में भागीरथपुरा क्षेत्र में सुबह से ही नगर निगम की टीम द्वारा नागरिकों को जागरूक करने एवं आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
मंत्री सिलावट ने चाचा नेहरू और एमवाय अस्पताल प्रभावितों से ली उपचार की जानकारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शनिवार को चाचा नेहरू बाल अस्पताल और एमवाय अस्पताल पहुंचकर दूषित पानी से भर्ती हुए लगभग 30 से अधिक प्रभावितों से मिलकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रभावितों के परिजनों को विश्वास दिलाया कि घबराने नही। अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों का समुचित नि:शुल्क बेहतर उपचार किया जाएगा। सभी प्रभावित शीघ्र स्वस्थ्य होकर अपने-अपने घरों को लोटेंगे। मंत्री सिलावट ने प्रभावितो, बच्चों व माताओं सहित पुरुषों से भी स्वास्थ्य उपचार के सम्बंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने एम जी एम में बैठक कर सभी डॉक्टरों को निर्देशित किया कि वे अस्पताल में भर्ती प्रभावितों का उपचार और उनकी देखभाल पर विशेष ध्यान दें।
संभागायुक्त ने मैसिव रिंग सर्वे कार्य की समीक्षा कीसंभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े शनिवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा भागीरथपुरा क्षेत्र में किये गए मैसिव रिंग सर्वे कार्य की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में निगम और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किये गये संपूर्ण कार्य की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि दिन भर में 80 से अधिक ट्यूबेल का क्लोरीनेशन किया है और उसका लगातार टेस्टिंग किया जाएगा। क्षेत्र में जब तक सेफ वॉटर नहीं बनता तब तक क्षेत्र में जल सप्लाई नहीं किया जाएगा। साथ ही भागीरथपुरा में कोलकता और भोपाल की टीम पहुंची है।
उन्होंने बताया कि क्या कारण है उसकी पूरी जांच करके वैज्ञानिक रिपोर्ट हमारे सामने आ जायेगी ?? उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी पर्याप्त प्रबंधन प्रारम्भ किये गए है। इसके अलावा जो भी मरीज है उनकी मॉनिरिंग के लिये टीम लगाई गई है। मरीजों को अच्छे अस्पताल में शिफ्ट भी कर रहे है। बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के पश्चात सम्भागायुक्त अधिकारियों के अमले के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र का भी भ्रमण कर पानी की पुनः जानकारी ली। इसके अलावा पानी की टंकी का अवलोकन करते हुए आवश्यक जांच भी की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि अभी तक विभिन्न अस्पतालों में 354 मरीज भर्ती हुए थे। इनमें से अभी तक कुल 205 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इस तरह वर्तमान में कुल 149 मरीज अस्पताल में भर्ती है, जिनका उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में आईसीयू में 20 मरीज भर्ती है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

