इंदौरः संभागायुक्त ने किया शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय का निरीक्षण
- यूपीआई से भुगतान का सिस्टम शुरू करने के दिए निर्देश
इंदौर, 03 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार गुरुवार को ओपीडी समय में ही शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय और चिकित्सालय इंदौर का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने संस्थान में आने वाले मरीजों से भी चर्चा की और उनसे उपचार के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त लाक्षाकार ने संस्थान के अधीक्षक और प्राचार्य को निर्देश दिये कि महाविद्यालय और चिकित्सालय में यूपीआई सिस्टम लागू करें। चिकित्सालय की ओपीडी में नगद भुगतान के साथ ही विकल्प के रूप में यूपीआई की व्यवस्था शीघ्रता से सुनिश्चित करें। उन्होंने ओपीडी की दवाई वितरण का रजिस्टर देखा और उपचार के लिये आने वाले मरीजों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि चार अलग-अलग स्थानों पर मरीजों को वार्ड में रखने के बजाय एक ही वार्ड में रखना सुनिश्चित करें, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा के साथ उनकी निगरानी भी हो सकें।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त लाक्षाकार ने पुस्तकालय को सुव्यस्थित करने के लिए न्यू अराइवल कॉर्नर बनाने के निर्देश भी दिए है। जिसमें शोध और आयुर्वेद पर आधारित मासिक और त्रैमासिक पत्रिकाएं रखने को कहा है। निरीक्षण के दौरान भारत सरकार के कारूण्य प्रोजेक्ट के संबंध में प्रोफेसर डॉ. अखिलेश भार्गव ने जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट दिसम्बर 2025 से अब तक 9 हजार 728 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का उपचार किया गया। इस दौरान पंचकर्म क्रिया के डॉ. अजीत कुमार ओझा ने जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं में पंचकर्म को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है। जनवरी से जुलाई 2026 तक 45 हजार 331 नागरिकों द्वारा इस क्रिया का लाभ लिया गया है। संभागायुक्त लाक्षाकार ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सा विभाग,बालरोग, शल्य तंत्र, शरीर क्रिया, प्रसूति विभाग, पैथालॉजी, ऑपरेशन थियेटर, पंचकर्म सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सा व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। सबसे पहले उन्होंने ओपीडी के संबंध में संस्थान के अधीक्षक और प्राचार्य डॉ. अजीतपाल सिंह से जानकारी प्राप्त की।
बैंक से क्यूआर कोड जनरेट कराकर यूपीआई सिस्टम लागू करें
संभागायुक्त लाक्षाकार ने निरीक्षण के यह पाया कि ओपीडी में सिर्फ नगद भूगतान की पूरानी परम्परा लागू है। उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य को इस व्यवस्था में यूपीआई सिस्टम लागू कराने के निर्देश दिये है। निरीक्षण के पश्चात बैठक में उन्होंने आय/व्यय की जानकारी लेते समय इस व्यवस्था के लिये बैंक से क्यूआर कोड जनरेट कर पूरे महाविद्यालय में भुगतान की व्यवस्था ऑनलाइन के साथ ही यूपीआई के द्वारा प्रारंभ करने की हिदायद दी है। संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने नगद भुगतान की व्यवस्था सिर्फ ओपीडी के लिये आने वाले मरीजों के लिये रखी है। इसमें भी यूपीआई का अतिरिक्त विकल्प लागू किया जायेगा।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त लाक्षाकार ने महाविद्यालय की ऊपरी मंजिल पर चल रहे एक्सटेंशन प्लान के बारे में जानकारी प्राप्त करने हेतु फाइल मांगी और निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। बताया गया कि एक्सटेंशन प्लान के तहत महाविद्यालय परिसर में ऑडिटोरियम, योग विभाग एवं अन्य विभागका निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस दौरान संभागायुक्त ने महाविद्यालय के नए भवन हेतु भूमि आवंटन के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली और इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के निर्देश दिये।
निरीक्षण के बाद संभागायुक्त लाक्षाकार ने संस्थान की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बताया गया कि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। जिसमें शरीर क्रिया, शरीर रचना, एवं शालाक्य विभाग की पढ़ाई होगी। साथ ही संस्थान द्वारा आयुष शोध पत्रिका का ई-संस्करण शुरू किया गया है। इस पत्रिका का विमोचन उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने द्वारा किया गया था। उन्होंने महाविद्यालय परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के साथ खराफ फर्नीचर को हटाने के निर्देश दिये।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

