इंदौरः जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनी आमजन की समस्याएं, किया त्वरित निराकरण

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इंदौरः जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनी आमजन की समस्याएं, किया त्वरित निराकरण


इंदौरः जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनी आमजन की समस्याएं, किया त्वरित निराकरण


इंदौर, 22 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रत्येक आवेदक से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को गंभीरता से समझा तथा संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में पात्र नागरिकों को शासन की योजनाओं एवं प्रावधानों के अनुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण करते हुए नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जनसुनवाई में राजकुमारी अहिरवार ने पहुंचकर अपनी समस्या के त्वरित निराकरण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताया। महिला ने कलेक्टर वर्मा को मुख्यमंत्री डॉ. यादव की चित्र और आभार वाली फोटो फ्रेम भेंट की। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उनके पति उन्हें छोड़कर चले गए थे और ससुराल पक्ष से भी उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा था। ऐसे कठिन समय में उन्होंने जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी समस्या कलेक्टर के समक्ष रखी थी।

राजकुमारी अहिरवार ने बताया कि कलेक्टर वर्मा ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए न केवल उनके प्रकरण का निराकरण कराया, बल्कि राशन से लेकर उपचार तक आवश्यक सहायता की व्यवस्था शासन-प्रशासन के माध्यम से सुनिश्चित की। पोष्टिक आहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सभी ने उनका साथ छोड़ दिया था, तब कलेक्टर वर्मा ने बड़े भाई की तरह उनका साथ दिया और उनके सम्पूर्ण उपचार की व्यवस्था कराई। उन्होंने कहा कि इसी सहयोग और संवेदनशीलता के लिए वे आज आभार व्यक्त करने जनसुनवाई में पहुंची हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि कठिन समय में उन्हें यह विश्वास मिला कि वे अकेली नहीं हैं और शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है। राजकुमारी अहिरवार की बात सुनकर कलेक्टर वर्मा ने कहा कि हम आपके साथ हमेशा है। आगे भी शासन-प्रशासन द्वारा भी आपकी सभी संभव मदद की जाएगी।

जनसुनवाई के एक अन्य प्रकरण में रोमी कारढ़ा ने कलेक्टर के समक्ष अपने 9 वर्षीय बेटे के उपचार से संबंधित समस्या रखी। उन्होंने बताया कि उनका बेटा किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बच्चे के उपचार का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। इसी उम्मीद के साथ वे जनसुनवाई में अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। रोमी कारढ़ा की समस्या को कलेक्टर ने गंभीरता से सुना और बच्चे के स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चे के संपूर्ण उपचार की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रकरण में नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कारढ़ा ने भावुक होकर कहा कि जब मदद के सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं, तब जनसुनवाई का दरवाजा खुला रहता है। आज यहां आकर मुझे अपने बेटे के इलाज की उम्मीद मिली है। शासन-प्रशासन की इस मदद से मेरे बेटे का बेहतर उपचार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे का समुचित उपचार कराने को लेकर चिंतित थे, लेकिन जनसुनवाई में अपनी बात रखने के बाद उन्हें बेटे के उपचार के लिए सहायता और उम्मीद मिली है। कलेक्टर वर्मा के निर्देश के बाद श्री रोमी कारढ़ा ने राहत महसूस करते हुए जिला प्रशासन और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अधिकारियों ने आमजन से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देशन में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में कई आवेदन प्राप्त हुए जिसमें मुख्य रूप में प्लॉट, संपत्ति, पारिवारिक विवाद, चिकित्सा सहायता और रोजगार से जुड़े प्रकरण रहे। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रिंकेश वैश्य एवं सभी विभागीय अधिकारियों ने जनसुनवाई में भाग लेकर नागरिकों की समस्याओं को सहानुभूति के साथ सुना और उनका निराकरण किया।

कलेक्टर वर्मा दो पहिया ई-व्हीकल से पहुंचे ऑफिस

इंदौर शहर में मंगलवार को नो कार डे मनाया गया, जिसमें आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण आदि उत्साह पूर्वक शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर शिवम वर्मा आज अपने बंगले से दो पहिया ई-व्हीकल से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे भी नो कार डे पर एक दिन के लिए कार का उपयोग छोड़ें और पर्यावरण बचाने के लिए ग्रीन ट्रांसपोर्ट को अपनाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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